Tuesday, December 4, 2018

सनक नोटबंदी का

जिस नोटबंदी की चर्चा आज के दो साल पहले हमारे प्रधानमंत्री महोदय ने बड़ी-बड़ी घोषणाओं के साथ की थी उसका अंतिम परिणाम संभवत: ही गया और वह परिणाम "खोदा पहाङ निकली चुहिया" की लोकोक्ति को चरितार्थ कर रहा है. जिस दिन 8 नवम्बर 2016 की हमारे प्रिय और ईश्वर के बराबर बुद्धि रखने वाले प्रचार मंत्रीमहोदय ने नोट बंद करने का ऐलान किया उस दिन उन्होंने ने यह वक्तब्य दिया था कि नोटबंदी की वजह से देश में फैले सारे अनैतिक कार्य जैसे आतंकी घटना,कालाधन,उग्रवादी घटनाएं सब ख़त्म हो जाएँगी परन्तु कुछ एक महीने बाद ही जब कश्मीर में आतंकी घटनाएं घटित हुई जो की दुखद थी तो उस वीभत्स कार्य में जो भी आतंकी शामिल थे उनके पास से नए नोट मिले और इस तरह की कई घटनाओं की पुनरावृत्ति भी हुई फिर हमारे प्रधानमंत्री जी ने नोटबंदी के फायदे वाली लाइन से थोड़ा सा अपने आप को दूर किया और दूसरे तर्क देने लगे कि मेरा नोटबंदी का उद्देश्य नगद के प्रवाह को कम करके तकनिकी {Digital} हस्तांतरण के लिए था जिसका फायदा पेटीएम जैसी आधा देशी आधा चीनी कंपनी को मिला.


नोटबंदी करते वक्त शायद प्रचारमंत्री जी को यह आभाष नहीं रहा होगा कि इस तरह के एकमात्र फैसले से लोगो के जीवन पर क्या फर्क पड़ेगा और मुझे पक्का यकीन है अगर हमारे प्रधानमंत्री को इस बात का थोड़ा सा भी अंदाजा होता तो इतना निष्ठुर और वीभत्स फैसला कभी नहीं लेते,उनके इस फैसले का परिणाम ये रहा कि 100 से ज्यादा लोग पैसे निकालने और जमा करने की लाइन में लगे-लगे अपने शरीर को त्याग दिया और इस हत्या की जिम्मेदारी कोई लेने को तैयार नहीं हुआ,हिंदुस्तान की एक बहुत ही नामी कंपनी L&T ने नोटबंदी के छः महीने के अंदर ही अपने 15000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया,बिल्डिंग क्षेत्र की कितनी बुरी दुर्दशा हुई वो हर कोई जानता है उसमें कार्यरत मजदूरों की नौकरी चली गयी और जो कुछ उन्होंने पैसा कमाया था वो भी डूब गया कितनी छोटी-छोटी कंपनियां डूब गयी पर साहेब को होश कहाँ था?


आज जब रिज़र्व बैंक की सालाना रिपोर्ट प्रकाशित हुई तो उसमे पता चला की 99.30 % रुपया वापस बैंक में आया और जो नहीं आया उसकी कीमत 15000 करोड़ है,अब आपको क्या मिला आप जानते है और अगर नहीं जानते है तो आपको धर्म के नाम का चश्मा लगा दिया है अगर जानना चाहते है तो अपने विवेक से सोचें और बोलें,इस एक फैसले से छूटा तो बहुत कुछ पर मिला कुछ नहीं,शिवाय जुमले और अंधविश्वास के.

अब प्रधानमंत्री महोदय और उनकी पार्टी के विद्वान प्रवक्ता नोटबंदी के क्या फायदे सुनाएंगे आप देखते रहना अब कमाल का जबाब होगा इनका क्योंकि ये झूठ बोलने में बहुत माहिर होते है क्योंकि संघ का पूरा गुण इनके अंदर भरा है.



6 comments:

  1. अरे भाई साहब जब बाहुबली2 पिच्चर देखने के लिए 3 -3 किलोमीटर तक टिकट खरीदने के लिए लाइन लगाते है तब तो कोई नहीं मरता है।
    वाह रे दुनियां,,,,,,,,,,,

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  2. एकदम बकवास निर्णय जिससे आज तक पता नहीं चल सका की कितना कालाधन आया

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  3. bewkoofani baat thi ye notebandee sahi nhi thi

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  4. kuchh glt kuchh sahi jaise ameron ka paisa jlaya gya grib apna chain se so rhe the

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  5. Demonetization is a biggest scam in the world.

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