Tuesday, December 4, 2018

राफेल का जिन्न


राफेल का जिन्न कल एक बार फिर से बाहर  गया और इसके बाहर आते हीं देश मेंराजनितिक भूकंप  गया और यह जिन्न कैसे निकला इसके  बारे में जान लेना बहुतजरूरी है तो शुरुआत 2015 में हुई थी और उस समय फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति ओलांद जी ने कल अपने देश में किसी "मीडिया पार्ट"फ्रांस  को दिए हुए अपनेसाक्षात्कार में उन्होंने जो बड़ी बातें कही उनमें उन्होंने कहा की रिलायंस का नामभारत की सरकार ने दिया जिसके बाद हमारे पास उस एक कंपनी को चुनने केअलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था.इस डील को करने में भारत सरकार ने कैसेअपनी भूमिका का निर्वाह किया यह देशवासियों को तय करना है और देखना है.

अब इस मुद्दे में सबसे बड़ी कमी सरकार की दिख रही है और भाजपा सरकार अपनेसाढ़े 4 साल के कार्यकाल में पहली बार फंस रही है और ऐसी फसी है की अब इससेनिकलने की कोई रास्ता सरकार को दिखाई भी दे रहा है,इस मुद्दे को इतना बड़ाबनाने का काम भाजपा ने किया क्योंकि उसके मंत्री ने हर वक्त अपना पाला  बदलतेरहे कभी रक्षा मंत्री कहती थी कि मै विमान की कीमत बताउंगी और अगले दिन मुकरजाती है,अरुण जेटली जी वित्तमंत्री है परन्तु वो रक्षा मामले पर ब्लॉग लिख रहे है औरविपक्ष के नेता को "मसखरा राजकुमारतो बोलते हैं परन्तु सवालों का जबाब नहीं देपाते,संसद में प्रधानमंत्री महोदय ने इसी सवाल को सिरे से नकार दिया था तो अब वोकिस मुंह से जबाब देंगे.

 राफेल के जिन्न का मतलब सीधा-सीधा भ्रष्टाचार का है और दिखता भी है क्योंकि जो"ऑफसेट"का करार "HAL"के पास जा रहा था और करार होने से 15 दिन पहले तक"डसाल्ट"कंपनी के डायरेक्टर ने पब्लिकली बोला था कि हम HAL के साथ काम करेंगे परन्तु चमत्कारिक तरिके से यह नयाकरार 10 दिन पहले बनी कंपनी को दे दिया जाता है और सरकार को ये भी समझनहीं आता की जब इतना उन्नत किस्म का लड़ाकू विमान है तो उसके ऑफसेट केजिम्मेदारी नौसिखिया कंपनी के पास कैसे हो सकती है,जो जीवन में कभी जहाज मेंएक बोल्ट तक नहीं लगाई है.

यह डील पूंजीपति मित्र की सहायता के लिये किया गया था क्योंकि देश का हर इंसानजानता है कि 2014 के चुनाव में किन-किन उद्योगपतियों की मेहरबानी रही औरभाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवारके लिए पैसा पानी की तरह बहाया था तो यही वक्तथा उन पैसों को वसूलकरने का परन्तु चोरी पकड़ी गयी अभी तक राहुल गाँधी द्वारा उठाये जा रहे इस सवाल पर भाजपा उन्हें नौसिखिया,पप्पू,मसखरा राजकुमार और भी बहुत कुछ बोलती थी,परन्तु आज जब फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति ने पर्दा उठाया है तोराहुल को फिर से सवाल उठाने का मौका दे दिया है. 


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