Tuesday, December 4, 2018

राहुल के खाने पर बवाल


आज मैं एक खास मुद्दे पर बात करना चाह रहा हूँ कि राहुल गाँधी बाबा भोलेनाथ कीकैलाश मानसरोवर यात्रा पर क्या निकले हमारे देश कि राजनीति का केंद्र राहुल गाँधी की यात्रा बन गयी है। राहुल गाँधी ने नेपाल (काठमांडू) में "वूटू" नामक एक होटल में खाने में क्या खाया इस बात पर जबस्दस्त बहस चल रही है और इसे मीडिया बहुत हीं दिलचस्पी के साथ चला रहा है। ये बात मीडिया वाले तथाकथित "वेटर" के मुँह में माइक डाल कर पुछा और वेटर ने बताया की राहुल ने मांसाहार भोजन लिया। ये मुद्दा हमारे देश में इतना बड़ा बना है कि भारतीय जनता पार्टी को प्रेस बुलानी पड़ी और उस विदेशी होटल को भी अपने स्तर पर मीडिया के लिए बयान जारी करना पड़ा की राहुल ने शाकाहार भोजन ग्रहण किया इसके बाद भी मीडिया वाले कमाल की बेशर्मी के साथ दिखा रहे है जिस तरिके से इस बात को दिखा रहे है उसकी सत्यता जानने के लिए आपको  होटल प्रबंधन के विचार को फेसबुक के माध्यम से समझना पड़ेगा ये नहीं समझा पाएंगे।

 

अगर आप और हम एक सभ्य समाज में रहना चाहते हैं तो अपने आस-पास फैली इस तरह की तमाम बुराइयों को ढूढ़-ढूढ़ कर अपने समाज से इतना दूर भगाना होगा कि किसी की ये पूछने की हिम्मत न हो कि आज आप या मै क्या खाया,क्या पिया,क्या कपड़े पहने,क्योंकि ये हमारे अपने निजी हक की बात है न की किसी दलाल की या किसी मीडिया की। आज के दिन में मीडिया का बस एक काम रह गया है की कैसे राहुल गाँधी जी के चरित्र का चीर-हरण किया जाए।

 

अब कुछ फर्जी पत्रकारिता करने वाले और कुछ ढोंगी लोग ये सिखाएंगे कि राहुल गाँधी को क्या करना चाहिए,क्या खाना चाहिए,धर्म के ठेकेदारों अगर तुम्हारे अन्दर का जमीर थोड़ा भी बचा है तो जाओ डूब मरो। जब से खाने के सम्बन्ध में होटल का बयान है उसके बाद इनके तेवर ढीले तो पड़े है परन्तु खिसियानी बिल्ली की तरह फिर भी रट लगाए हुए है जैसे की यही लोग वेटर थे और राहुल जी को खाना खिला रहे थे ढोंगी।

 

हमारे समाज को इतना घृणित करने का कार्य जो लोग कर रहे है वो बहुत ही स्वार्थी लोग है उन्हें धर्म और उससे जुड़ें क्रिया-कलापों का रंच मात्र भी ज्ञान नहीं है वो हमारे हिन्दू धर्म का मजाक बन रहे है बाबा भोलेनाथ ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें। हमारे पास अपने समाज को देने के लिए बहुत कुछ है बशर्ते उसे हम लोगों तक पहुंचा पाए सत्य और सेवा-भाव के माध्यम से हम इन झूठे पाखंडियों से लड़ सकते है और हम आधुनिक भारत के निर्माण में अपना एक अतुल्नीय योगदान निभा सकते है।

 

 

 नमः शिवाय

जय त्रिलोचन महादेव 



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