आज सुबह से हीं सीबीआई के मामले में गहमा-गहमी का माहौल था और दिन की शुरुआत हुई सुप्रीम कोर्ट से जहाँ पर अस्थान और आलोक वर्मा से सम्बंधित केस की सुनवाई होनी थी. जैसे ही सुबह 11 बजे सुनवाई का समय मुक़र्रर किया गया वैसे हीं सड़क से लेकर कोर्ट तक सबकी चहलकदमी शुरू हो गयी और देश के राजनीति और कानून के जानकार भी उत्सुकता पूर्वक टीवी और अन्य संसाधनों के जरिये इस केस से अपना जुड़ाव जोड़े रखा.
असल मजा तो तब आता है जब फैसले के बाद 12.30 के करीब राहुल गाँधी विरोध प्रदर्शन के लिए अपने घर से निकले और और राहुल गाँधी ने अपने नेतृत्व में दयाल सिंह कॉलेज से मार्च शुरू हुआ जो भारी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ चलते हुए सीबीआई के मुख्य गेट के पास पंहुचा। इधर सीबीआई के गेट के बाहर दिल्ली पुलिस के जवान कड़े घेरे में पहरा दे रहे थे और तीन-तीन बैरिकेडिंग दिल्ली पुलिस ने कर रखी थी मानों परिंदा भी पैर न मार सके. उसके बाद राहुल गाँधी वहां पहुंचते हैं और जब समझ जाते हैं कि सीबीआई मुख्यालय के पास तक नहीं पहुंचा जा सकता है तब उन्होंने दिल्ली पुलिस की लगाई हुई बैरिकेडिंग पर हीं बैठ जाते हैं और कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ घंटों तक वहीं बैठे रहते है. इस बीच में रह-रहकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच में हल्की-फुल्की झड़प भी होती है और पानी की बौछार भी की जाती है अमूमन ऐसे दृश्य कांग्रेस द्वारा हर प्रदेश में देखने को मिला जो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए सुखद भी है.
मामला बनता देख राहुल गाँधी ने अपनी योजना में थोड़ा बदलाव करते हुए लोधी रोड थाने की तरफ चल दिया जहाँ जाकर उन्होंने अपनी स्वेच्छा से अपनी गिरफ्तारी भी दी उनके साथ संगठन के महासचिव श्री अशोक गहलोत समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी थे. चुनावी माह में राहुल के हाथ सीबीआई के रूप में ऐसा मुद्दा लगा है जिसमें उन्हें अपने लिए एक अच्छा अवसर दिख रहा है और पार्टी के लिए भी क्योंकि आने वाले एक महीने में 5 राज्यों में चुनाव होने हैं जिनमे तीन में बीजेपी एक कांग्रेस और एक में टीआरएस की सरकार है. ऐसे में राहुल गाँधी ने सीबीआई के मुद्दे को राफेल से जोड़ने की भरसक कोशिश कर रहे हैं अब इसमें वो कितना सफल हो पाते हैं ये तो वक्त बताएगा,परन्तु कांग्रेस का आज का प्रदर्शन शानदार रहा है और अर्से बाद कांग्रेस में ऐसा देखने को मिला कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता जमीन पर उतरकर प्रदर्शन में अपना योगदान दिया।
शाम चार बजे के आस-पास राहुल गाँधी को पुलिस ने लोधी रोड थाने से रिहा कर दिया और अपने घर को गए होंगे लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि आज राहुल गाँधी ने पूरी तरह से मुख्य मीडिया का ध्यान अपनी और खींचा और मोदी के कार्यकाल में संभवतः यह पहली बार हुआ होगा कि मोदी कही भाषण कर रहें हों उन्हें न दिखाकर राहुल गाँधी को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बिना किसी ब्यवधान के घंटो तक दिखाया गया.
good to see
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