Tuesday, December 4, 2018

आज की बात गाँधी की संसद में मोदी को जादू की झप्पी


यह देख कर अच्छा लगा की राहुल गाँधी  "अविश्वास प्रस्ताव" पर सदन में  अपने भाषण से ध्यान खींचा और कुछ प्रभावी मुद्दे उठाये जिनमे महिला सुरक्षा,बेरोजगारी,दलितों पर अत्याचार,भीड़ तंत्र के द्वारा किसी की हत्या करना,किसानों की चिंता,विदेश निति के मामले में "डोकलाम" का मुद्दा और राफेल लड़ाकू जहाज तो सबसे बड़ा राजनितिक मुद्दा रहा,संसद भवन के अंदर ही  राहुल ने प्रधानमंत्री पर मीडिया घरानों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। सबसे बड़ी बात ये लगी इस भाषण की कि अर्से बाद लगा की संसद के अंदर कोई विपक्ष भी है.
  
     
राहुल ने जैसे ही भाषण देते-देते मोदी जी की तरफ बढ़े और उन्हें झुक कर अपने गले लगा लिया वो राहुल गाँधी के लिए अपने द्वारा दिए गए भाषण से भी बड़ा राजनितिक लम्हा रहा मुझे नहीं लगता की राहुल का ये योजना रही होगी क्योंकि 40  मिनट के अपने भाषण में उन्होंने ऐसी किसी भी हरकत की कोई झलक नहीं दिखाई थी,मेरे ख्याल से राहुल का ये मूव बहुत बढ़िया रहा उनकी  पार्टी के लिए भी और उनके लिए तो सबसे ज्यादा रहा,क्योंकि उनके भाषण के तारीफ हर जगह हुई कई और जाने-माने लोगों उनके भाषण को गौर से देखा और उसकी तह तक जाकर समझने और लोगों को समझने की कोशिश  की जैसे राजदीप सरदेसाई जी ने आज तक न्यूज़ चैनल पर इस बात की भरपूर चर्चा की इसमें अच्छे और बुरे दोनों पहलुओं पर उन्होंने अपने गंभीर और सकारात्मक विचार रखे.

       
राहुल के इस पहल का जबाब देने की बजाय प्रधानमंत्री उसी में उलझते गए और उस गले लगने वाले क्षण को "गले लगना बोला और उनके भाषण से जैसी लोगो को उम्मीद थी वैसा ही रहा कोई नयापन नहीं था उनकी भाषणों में सिवाय गाँधी और नेहरू परिवार को टारगेट के कुछ नहीं था और हर मौजू सवालों का जबाब  प्रधामंत्री महोदय गाँधी और नेहरू की आलोचना में निकाल दिया रोजगार के जबाब में जो आकंड़ा साहेब ने दिया वो समझ से परे है जैसे मै एक ऑटो खरीदूंगा तो प्रधानमंत्री महोदय जी 03 रोजगार अपनी तरफ से जोड़ लेंगे ,राफेल लड़ाकू विमान पर कोई जबाब नहीं था साहेब के पास,किसान के बारे में कोई कोई स्पष्ट बात नहीं बताई यहां भी नेहरू/गाँधी की आलोचना की महिला सुरक्षा पर गोल-मोल जबाब,भीड़ तंत्र की हत्या के सन्दर्भ में राज्य सरकार का कानून-ब्यवस्था का अधिकार है बस  इतने से ही ये खत्म हो गया.

       
अंततः राहुल का भाषण पहली बार एक विपक्ष की अगुवाई करने वाले नेता की दिखी जो लोगों के दिमाग में घूम रहा है और लोग निश्चित तौर पर उनके भाषण में एक नयापन दिखा और प्रभावी रहा मेरे ख्याल से यह राहुल के भविष्य के लिए बहुत बढ़िया काम करेगा।
https://www.youtube.com/watch?v=gWmGT1cr9FQ
https://www.youtube.com/watch?v=GOP_k5pXIYM

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