Thursday, May 2, 2019

गढ़ चिरौली में 16 जवान शहीद और सत्ता प्रचार में ब्यस्त

कल गढ़ चिरौली, महाराष्ट्र मे नक्सली हमले में देश के 16 वीर जवान शहीद हुए. उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ और अपनी श्रद्धा सुमन करता हूँ.

कल एक बार फिर नक्सलियों ने देश के जवानों पर कायराना हमला किया और उसमें गाड़ी के ड्राइवर समेत 16 जवान वीर गति को प्राप्त हुए पर दुःख तब सबसे ज्यादा हुआ जब किसी भी नेता का चुनावी भाषण नहीं रूका और नहीं किसी ने इन जवानों के प्रति संवेदना प्रकट की. राजनेताओं ने एक ट्वीट से श्रद्धा सुमन अर्पित कर के अपने काम पर चले गए तथा शाम को प्राइम टाइम डिबेट में कुछ अपवादों को छोड़कर किसी ने सेना का जिक्र नहीं किया. ऐसी सरकार और ऐसी सत्ता को डूबकर कर मर जाना चाहिए कि जो जवान हमें बाहरी आततायियों से बचाते हैं उन्हीं के शहीद होने पर हम दो मिनट का वक्त नहीं निकाल पाए. भाषणों में तो सेना के नाम पर वोट बटोरे जाने की कला सीख लिए हैं पर जमीन पर उनके साथ दुःख की घड़ी में खड़ा होना नहीं सीखा. मैं हर राजनितिक पार्टी की बात कर रहा हूँ कि इनको बस सत्ता हथियाने की लालसा है और इससे ज्यादा कुछ नहीं. हमारे प्रधान मंत्री जी जितने झूठ बोलते हैं काश ! उसका आधा सच बोल देते और अपने संस्कार में उतार लेते तो देश का बहुत कल्याण हो जाता. साहेब ने जब 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे नोटबंदी की घोषणा की थी उस समय उन्होंने नोटबंदी से होने वाले कुछ फायदे भी गिनाये थे जिनमें आतंकवाद और नक्सलवाद भी प्रमुख थे. परिधानमंत्री के अनुसार नोटबंदी जैसे एक कदम मात्र से हीं इनका देश से खात्मा हो जाएगा पर हुआ कुछ नहीं पहले से ज्यादा आतंकी घटनाएं देश में बढ़ी, पहले से ज्यादा आतंकवाद और नक्सलवाद की घटनाएं देश में बढ़ी. उरी, पुलवाला, गढ़चिरौली जैसी घटनाएं प्रधान मंत्री जी को झूठा साबित करने के लिए काफी है. यही अगर वोट का माहौल नहीं होता तो जवानों के शहीद हुए शरीर का जलसा लगाया जाता और कैमरे बुला कर कैमरे के सामने स्वांग रचाया  जाता और देशभक्त का डंका गोदी मीडिया में पिटवाया जाता पर आज ऐसा क्यों नहीं हो रहा है तो उसका जबाब है कि गुजराती जोड़ी (मोदी-शाह) को वोट कटने का डर सता रहा है. किसी ने 16 जवानों के शहीद होने की खबर आज टीवी या मीडिया के अन्य प्लेटफार्मों पर देखी है तो बताओ शिवाय हिन्दू-मुस्लिम के पसंदीदा विषय के अलावा. सरकार को इतनी नाकामियों और जवानों के शहीद होने के बाद देश के लोगों से खुले मन से माफी मांग कर अपने पापों का प्रायश्चित कर लेना चाहिए. 

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