राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का आज पांचवा दिन है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कल चौथे दिन हीं तमिलनाडु से निकलकर यह यात्रा केरल पहुंच गई थी। आज सुबह से यात्रा प्रारम्भ हुआ और तिरूवनंतपुरम की सड़कों पर अपना असर छोड़ रही थी। यहां आपको ये बताना बहुत जरूरी हो गया है कि तिरूवनंतपुरम शशि थरूर जी का संसदीय क्षेत्र है। कुछ दिन पहले तक एक खबर राजनितिक गलियारों में चलती थी कि थरूर जी G-23 गुट के सक्रिय सदस्य हैं। आपकी याद्दाश्त के लिए बता दूं कि ये वही ग्रूप था जिसके मुखिया गुलाम नबी आजाद साहब हुआ करते थे। आज वही थरूर कांग्रेस और राहुल के साथ तिरूवनंतपुरम की सड़कों पर थे।
आज तिरूवनंतपुरम में यात्रा के दौरान राहुल गांधी छात्रों और बुनकरों से मुलाकात कर उनकी बुनियादी समस्याओं को सुना। यह देखकर कितना अच्छा लगता है कि देश में कोई तो ऐसा नेता है जिसे देश की फ़िक्र है। देश के भविष्य की फ़िक्र है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस भावी पीढ़ी को हिन्दुस्तान की शानदार एवं गौरवशाली इतिहास को बता रही है और वर्तमान में हो रहे क्षरण को भी रेखांकित कर रही है। इस यात्रा और इसमें मिल रहे अपार जनसमर्थन को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमारा लोकतंत्र अनाथ नहीं है। देश में कुछ जिम्मेदार कंधे हैं जो देश की आकांक्षाओं, आशाओं का बोझ अपने मजबूत कंधों पर उठा सकते हैं और उसके भार को सहन भी कर सकते हैं।
यहां एक बात ध्यान देने योग्य और है कि वो केरल हीं था जो 2019 के चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा (एक प्रदेश से) लोकसभा की सीटों से चुनाव जीताकर संसद में भेजा था। स्वयं राहुल गांधी जी भी केरल प्रदेश से हीं लोकसभा सांसद चुने गए है। तो यहां कांग्रेस के समर्थन में जनसमर्थन स्वाभाविक है। कांग्रेस के संगठन महासचिव श्री के सी वेणुगोपाल जी केरल के स्थाई निवासी हैं। इन सभी समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस के मुखर आलोचक भी ये कहने लगे हैं कि राहुल गांधी जी के भारत जोड़ो यात्रा को भरपूर समर्थन मिल रहा है और यह यात्रा निश्चित तौर पर आगामी चुनावों में कांग्रेस के लिए सुखद परिणाम लाएगा।
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