Saturday, October 19, 2019

हिन्दू नेता कमलेश तिवारी की हत्या

मैं कमलेश तिवारी की गतिविधियों से सहमत नहीं हूँ और न हीं मैं किसी भी कट्टरपंथ का समर्थक हूँ. वो चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम. उत्तर प्रदेश में बाबा योगी के राज में जघन्य अपराधों की संख्या अपने चरम पर पहुंच चुका है. कल लखनऊ जैसे शहर में 'हिन्दू समाज पार्टी' के नेता कमलेश तिवारी की निर्ममता से हत्या कर दी जाती है. वो भी तब जब उनको सरकारी सुरक्षा प्राप्त है. मैं मानता हूँ कमलेश तिवारी किसी एक धर्म के बारे में विवादित बयान दिए थे या एक धर्म का रक्षक खुद को बताते थे. ये उनकी आजादी का अधिकार था. परन्तु इसका मतलब ये कत्तई नहीं कि उनकी हत्या कर दी जाए. ऐसे घिनौने कृत्य करने वाले को तत्काल पकड़ कर सख्त से सख्त सजा सजा दिया जाना चाहिए. ऐसे मानसिक रूप से बीमार लोग समाज में नफरत को भड़काते हैं. अगर कमलेश तिवारी ने कुछ गलत भी किया था तो उनको उनके किये की सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को था.
हाल के दिनों में देखा गया है कि उत्तर प्रदेश में इस तरह के अपराधों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. इस पर लगाम लगना चाहिए. मेरे जैसे हम अमन पसंद नागरिक का यही विचार है और इसका उत्तरदायित्व तो शासन-प्रशासन के हाथ में है. बहरहाल प्रशासन ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि वो तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. बाकी दो पर नजर रख रही है. यह पुलिस महकमे के लिए अच्छी बात है. उसके लिए मैं प्रशासन की तारीफ़ करता हूँ. अब प्रशासन इन दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने का पर्यटन करें। जिससे कि अन्य आरोपियों की हिम्मत इस तरह के जघन्य अपराध के लिए न हो सके.                    
  

No comments:

Post a Comment