Tuesday, October 1, 2019

बापू के विचारों की जीत

गांधी और उनसे जुड़ें विचारधारा के लोगों की इससे बड़ी जीत और क्या होगी कि गांधी जी को 30 जनवरी 1948 की शाम खामोश करने वाली सोच खबरों के मुताबिक़ कल रैली और रोड शो का आयोजन करेगी. खबर ये है कि बीजेपी (जो कि आरएसएस की संतान है) अध्यक्ष अमित शाह कल दिल्ली में गांधी जी के 150 वें जन्म वर्ष पर रैली करेंगे. हम गांधीवादी विचार धारा के लोगों के लिए यह जीत का एक अवसर है. माना की दिल में इनके नाथूराम और माफीवीर सावरकर बस्ते हैं परन्तु गांधी जी के उच्च मानदंडों के अनुसार वो अपने गोड़से प्रेम का इजहार छुपाकर करते हैं और ढोंग रचाकर गांधी जी का सम्मान करते हैं.
खैर ! उन भक्तों को इस खबर से बड़ी निराशा हुई होगी कि संघ/बीजेपी वाले कान में कहते हैं कि गोड़से की जय-जयकार करो और सामने आकर गांधी जी के सम्मान में रैली और तमाम तरह के सार्वजनिक आयोजनों का इंतजाम करो. ऐसे में भक्तों की हालत नेवले जैसे हो जाती होगी. मैं तो बस कल्पना कर सकता हूँ महशूस तो भक्त गण और शाखा में जाने वाले हीं कर सकते हैं. वो बेचारे आज से बहुत लज्जित महशूस कर रहे होंगे कि अब किस मुंह से वो गांधी जी के बारे में अपशब्द कहेंगे.
जैसा कि ऊपर की लाइनों में मैंने जिक्र किया है कि ये संघ/बीजेपी के लोग मजबूरी बस दिखावा मात्र का प्रेम गांधी जी के लिए कर रहें हैं. असल में तो गोडसे का हीं गुणगान करते हैं. मैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से पूरी तरह सहमत हूँ कि "जिस दिन मोहन भागवत गोडसे मुर्दाबाद का नारा बुलंद कर देंगे। उस दिन हम मान जाएंगे कि संघ/बीजेपी वाले दिल से गांधी जी का सम्मान करते हैं". यही तो हमारे जैसे तमाम लोग चाहते हैं. पर ऐसा होगा. मुझे नहीं लगता.
असल तो ये है कि आतंक की आरोपी (मालेगांव ब्लास्ट) और मध्य प्रदेश भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी और अब सांसद जब खुलेआम हत्यारे नाथूराम गोड़से को वीर बताती हैं और बापू जी को अपमानित करती है. तब जब देश के लोगों ने भाजपा के प्रति नाराजगी जाहिर की तब देश के चौकीदार ने कार्रवाई करने के लिए उन्हें 10 दिन का नोटिस दिया था. जिसकी मियाद खत्म हुए 90 दिन से ज्यादा बीत गए हैं. जब उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी तो यही बापू के सम्मान का ढोंग जनता के संख खुलकर आ जाता है.

महात्मा गांधी अमर रहे
हत्यारा गोड़से मुरादाबाद

  

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