Saturday, September 7, 2019

इसरो के वैज्ञानिक बधाई के पात्र

इसरो के वैज्ञानिकों को सर्वपर्थम बधाई.

हमारे वैज्ञानिकों पर हमें नाज है कि वो हिन्द की औलाद है. हमारे इसरो के वैज्ञानिकों ने 13 साल के अथक प्रयासों से आज देश का हर नागरिक अभिभूत है और अपने सर को झुकाकर अपने महान वैज्ञानिकों को नमन कर रहा है. क्योकि आपने हमें आज मुस्कुराने का मौक़ा दिया है. क्या हुआ कि चंद्रयान-2 के रोवर की लैंडिंग चाँद के सतह पर नहीं कर सके और चाँद को चूमने से मात्र 2.1 किलोमीटर दूर रहा. लेकिन आपके अथक मेहनत को हम कैसे भूल सकते है, हमें आप के विवेक पर रंच मात्र भी संदेह नहीं है. हमें पूर्ण विश्वास है कि हम आज नहीं तो कल अपने सपने को जरूर जी लेंगे. आज देश का हर नागरिक आपके साथ कंधे से कंधा हीं नहीं बल्कि पूरे समर्पण के साथ खड़ा है. आपने इस मिशन को चंद्रयान-1 की सफलता (2008) के बाद अपनी योजना पर जब काम करना शुरू किया तो हमारे पास बहुत सी तकनीक का अभाव था जिसे आपने खुद अपने मेहनत के दम पर हासिल किया तो चंद्रयान को चाँद की जमीं पर उतारना अब कहाँ मुश्किल होने वाला है. जब आप धरती से 3 लाख 84 हजार 400 किमी दूरी पर चमकते उस चांद को स्पर्श कर लेने का सपना लिए, चांद की जमीन पर उतरने की जिद के साथ चल पड़े और बिलकुल नजदीक तक पहुंचने में सफल हो हीं गए है तो 2 किलोमीटर कुल दूरी का सौवां हिस्सा भी नहीं. तो वहां तक भी अब आप पहुंच सकते है इसमें हमें कोई संदेह नहीं है.

जय हिन्द
जय विज्ञान   

No comments:

Post a Comment