जैसा की सर्वविदित है कि हमारी अर्थब्यवस्था दिनों-दिन गर्त में धंसती जा रही है. सरकार और वित्त मंत्री महोदया रोज नए-नए झुनझुने लेकर मीडिया के मार्फत जनता के बीच उपस्थित हो रहीं हैं. उसी कड़ी में आज भी माननीया वित्त मंत्री महोदया चैनलों के माध्यम से जनता के समक्ष अवतरित हुई और ढेर सारा बात कह गयी जिससे कि अर्थब्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके और देश के उद्योगपतियों को टैक्स में छूट दे दिया और तर्क देने लगी कि इससे उद्योग के लिए पैसे लगाने में सहूलियत होगी। पर मेरा मत उनसे अलग है और अलग क्यों हैं ये भी मैं आप को बताना चाहूँगा.
दरअसल बात ये है कि इन्हीं ब्यापारिक घरानों ने मतलब की जिनका आज टैक्स कम हुआ हैं उन्होंने हीं तो बीजेपी को 2014 और 2019 में चुनाव लड़ने का पैसा दिया था. जिसे अब वो मय ब्याज वसूल रहें हैं और सरकार जनता को बता रही है कि हम अर्थब्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पैसा दे रहें है. तो सवाल ये उठता है कि फिर आपने अर्थब्यवस्था को कमजोर करने वाले कदम उठाये हीं क्यों ? क्या आपके पास इसका कोई जबाब है या नहीं ? अगर नहीं है तो इसके बारे में भी साहस कर के बोल दो कि 'मोदी है तो मुमकिन है'. जब मैं आपकी साहस को मानूंगा। बोल दो कि देश की अर्थब्यवस्था मुझे बदहाल हालत में मिली थी. अब तो कुछ दिनों से सरकार के प्रवक्ता, गोदी मीडिया और मंत्री जी मानाने लगे हैं कि देश मंदी के चपेट में है. इससे पहले विरोध का कोई नेता मंदी की बात करता था तो समूचा सत्ता तंत्र उसका मजाक बनाता था. अनेक-अनेक मजाक के शब्दों से उसकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करते थे.
आज सुबह आज तक के एक कार्यक्रम में सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने भी माना कि देश के कुछ सेक्टर में सुस्ती है. उसमें हाऊसिंग सेक्टर की सुस्ती सबसे ज्यादा चिंता जनक है. उसके लिए उन्होंने मुंबई का भी जिक्र करते हुआ कहा कि जब किसी एक सेक्टर में सुस्ती आती है तो अपने साथ-साथ कइयों को सुस्त कर जाती है. तो सवाल ये उठता है कि आपने इतने गलत निर्णय लिए कैसे ? आज की खराब अर्थब्यवस्था के पीछे आपने बेशर्मी से कुछ ऐसे निर्णय लिए जिनका खामियाजा आज देश भुगत रहा है. उनमें नोटबंदी और जीएसटी प्रमुख हैं. नोटबंदी से देश को क्या हासिल हुआ ? नोटबंदी की सच्चाई देश के सामने कब आएगी ? जीएसटी से सरकार का कितना टैक्स जमा बढ़ा ? आखिर इन मुद्दों पर बात कब होगी ? कब तक गोदी मीडिया के लोग नेहरू जी के नाम का माला जपते रहेंगे ? नेहरू जी और कांग्रेस ने जो किया वो देश के सामने है. आपने क्या किया उसे देश को तो दिखाइए ? आपका विकास लापता है. रोजगार में 5 दशक का सबसे बड़ा संकट हैं. नोटबंदी के बाद लगातार अर्थब्यवस्था गिरती जा रही है. ऐसी मेहनती और ईमानदार सरकार से वो बेईमान और सुस्त सरकार हीं अच्छी थी.
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