आज कुछ महीनों से प्याज एक महत्वपूर्ण मुद्रा बन गयी है. जो प्याज कभी एक गरीब -मजदूर के थाली की शोभा हुआ करती थी., वो आज अमीरों की शान हो चुकी है. प्याज के दाम विगत तीन महीनों में सोने से भी तेजी से बढ़ा है. आज प्याज तीन अंकों में पहुंच कर इतरा रहा है. प्याज को भी अब घमण्ड होने लगा है कि वो अमीरी की पहचान सेब और अनार से भी महंगा हो गया है. अतीत में प्याज एक बार और महंगा हुआ था. जब अटल जी की दिल्ली में सरकार थी. लोग कहते हैं कि तब प्याज की महंगाई के वजह से हीं अटल जी की सरकार चली गयी थी. उस समय मनोज तिवारी एक उभरैत हुए भोजपुरी गायक थे. जिन्होंने एक गाना भी प्याज के ऊपर गया था. उसके बोल कुछ इस प्रकार थे (हे ! अटल चाचा पियजिया अनमोल हो गईल). जो आज भी यूट्यूब पर मौजूद है. वही मनोज तिवारी आज बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हैं. आज सत्ता में है तो वो भी प्याज को अनार मान बैठे हैं. आज फिर वही प्याज इतरा रही है और सरकार में शामिल लोगों को मुंह चिढ़ा रही है.
प्याज के इतराने का पता तो तब चला जब देश की महिला वित्त मंत्री ने कहा कि "मैं इतना लहसुन, प्याज नहीं खाती हूँ जी. मैं ऐसे परिवार से आती हूँ, जहां अनियन से मतलब नहीं रखते". उनके इस कथन के बाद तो मानों प्याज के अरमानों को पंख लग गए. वो संसद की चहारदीवारी पर बैठ मंत्री, संतरी, प्रधानमंत्री को मुँह चिढ़ाने लगी. प्याज की ये हरकत सरकार को पसंद नहीं आयी और सरकार के लोग प्याज को देशद्रोही साबित करने लग गए. देशद्रोही से याद आया न, वही पाकिस्तान यार. प्याज आज आम लोगों की रसोइयों से निकलकर अमीरों के घर की शान बढ़ाए रहें है.
आज कल आप किसी बड़ मनई (रईस/अमीर) के घर जाओ तो उनके हाल में सेब/अनार/अंगूर की जगह प्याज रखा हुआ मिलता है. जिसके घर में आपको न दिखे तो ये मत समझ लेना कि ये घर निर्मला सीतारमण जी का है (मतलब की वो प्याज नहीं खाती हैं ना तो रखेंगी क्यों). वो घर किसी आम इंसान का भी हो सकता है, जिसकी हैसियत में प्याज नहीं आती हो. निर्मला ताई ने तो जो नुख्सा देश को दिया है. अगर आप देशवासी हैं तो अब भी सम्भल जाए और अपने मन में ये बिठा ले कि अब सवाल पूछना मना है. अगर जेब में दमड़ी है तो प्याज खरीदों वरना निर्मला सीतारमण बन जाओ. अब तो प्याज भी देशद्रोही हो गया है जो भक्तों को कश्मीर में प्लाट ख़रीदने से रोक रहा है. सारे देशभक्त नाराज हैं कि प्याज भारत माता कि बेइज्जती करवा रहा है. कुछ देशभक्त तो ऐसे भी हैं जो कहते हैं कि प्याज को पाकिस्तान भेज देना चाहिए और कुछ ऐसे भी हैं जो कह रहें हैं कि अगर मोदी जी आलू को प्याज बोल दें तो पूरा विश्व आलू को प्याज बोलेगा. इस तरह प्याज की समस्या खत्म हो जायेगी और भारत माता का अभिमान बच जाएगा.
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