Thursday, February 14, 2019

पुलवामा में अर्धसैनिक बलों के 37 जवान शहीद, प्रियंका गाँधी की पत्रकार वार्ता रद्द

जब से प्रियंका जी महासचिव बनी है और उन्हें ने उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का प्रभार भी उन्हें दे दिया गया है. उसके बाद से हीं प्रियंका गांधी का कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठकों दौर जारी है जो आज लगातार तीसरे दिन भी जारी है. कल की बैठकों की अगर बात की जाए तो इलाहाबाद, राय बरेली, अमेठी, फूलपुर, इत्यादि लोकसभा क्षेत्र के लोगों से पूरी रात और सुबह लगभग 5 बजे तक चर्चा करती रही. चर्चा करकर जब नेता बाहर आ रहे थे तो प्रियंका गाँधी को अनेकों उपमाओं की संज्ञा दे रहे थे और चित्त प्रसन्न मन से उनकी तारी कर रहे थे. मिलकर आने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि दीदी संगठन के बारे में एक-एक ब्यक्ति से पूछ रही है कि आपकी ब्लॉक कमेटी कैसी है, गाँव की कमेटियां कैसी है, जिला एवं शहर की कमेटी कैसी है. कार्यकर्ता इतने खुश है कि प्रियंका को इंदिरा का अवतार और देवी तक की उपमा देने तक से परहेज नहीं रख रहें है.           
आज प्रियंका गांधी का महासचिव बनने के बाद पहली पत्रकारवार्ता है. जिसको लेकर पत्रकारों के मन में बहुत हीं प्रफुल्लित है. क्योंकि अमेठी, रायबरेली के बाहर पहली बार प्रियंका जी का राजनितिक चेहरा जनता को दिखेगा और पूरे देश को उनके आधिकारिक रूप से सम्बोधन का इन्तजार है. जाहिर तौर पर प्रियंका को लेकर देश के लोगों में एक एक ख़ास तरह का असर है. जनता से जुड़ने का कौशल उनका ऐसा है कि लोग बरबस हीं प्रियंका की बात करते-करते इंदिरा जी की यादों में खो जाता है. जाहिर तौर इस पत्रकारवार्ता में प्रियंका गाँधी से बहुत से सवाल होंगे, उन सवालों का जबाब वो कैसे देती हैं ये देखने वाली बात है. 
प्रियंका से होने वाले कुछ संभावित सवाल -
  • राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार चुनाव से पहले घोषित होंगे 
  • उनके चुनाव लड़ने पर भी सवाल होंगे  
  • रावर्ट वाड्रा के कथित आरोपों पर सवाल होगा 
  • कांग्रेस का रोड मैप क्या होगा इस पर सवाल होगा 
  • कांग्रेस किस पार्टी से गठबंधन करेगी या नहीं करेगी 
यह लेख लिखते समय एक बहुत हीं हृदय विदारक घटना कश्मीर से सामने आयी है जहां आतंकियों के IED हमले में हमारे 18 जवान (CRPF) शहीद हो गए है और 35 जवानों के घायल होने की खबर आ रही है (PTI). सम्भवतः उरी हमले के बाद पहला इतना बड़ा आतंकी घटना हुआ. जवानों के शव क्षत-विक्षत हो गए. टीवी पर देखा भी नहीं जा रहे. शहीद जवान 54 वीं बटालियन के थे. इस मूवमेंट में 3 बटालियन थी जिसमे लगभग 2400 जवान थे. 

स्रोत : आज तक  
समय : 3.37 PM

अब आगे लिखने के लिए दिल गवाही नहीं दे रहा है और मैं अब अपनी लेखनी को अपने शहीदों को समर्पित करते हुए रोक रहा हूँ. हृदय बहुत दुखी है काश ! ये आतंकी निर्दोषों को ऐसे न मारते.

जय जवान 
जय हिन्द    

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