Friday, March 26, 2021

आजादी के बाद पहली बार बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा

जैसा कि देश का हर जागरूक नागरिक जानता है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री जी को 70 साल की गिनती बहुत याद आती है। हर बात में वो कहते हैं कि कांग्रेस सरकार ने पिछले 70 सालों में कुछ नहीं किया। कभी मनरेगा को लेकर कहते हैं कि कांग्रेस सरकार ने देश के लोगों को सिर्फ गड्ढा खोदने में लगा दिया। कभी कहते हैं कि कांग्रेस की सरकार देश का विकास नहीं कर सकी। तो उसी 70 साल के सन्दर्भ में आज मैं कुछ लिखने की चेष्टा कर रहा हूं।

प्रचार मंत्री महोदय इसी 70 सालों में पहली बार बेरोजगारी की सर्वाधिक ऊंची दर देखने को मिली है। आप कहते हैं कि हमारी सरकार नित नए रिकॉर्ड कायम कर रही है। तो आपके उस बात से मैं सहमत हूं। इन्हीं 70 सालों में पहली बार नौजवान भारी मात्रा में रोजगार के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। इन्हीं 70 सालों में पहली बार उत्तर प्रदेश की आपकी सरकार ढ़ाई साल पहले ग्राम विकास अधिकारी पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने के बजाय पूरी भर्ती रद्द कर देती है। इन्हीं 70 सालों में पहली बार आपकी सरकार के नितिगत कुप्रबंधन के कारण कोरोना के बाद करोड़ों नौकरियां चली गई। इन्हीं 70 सालों में रोजगार के लिए आन्दोलन करने वाले युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। 

आंकड़ों पर गौर करें तो 70 सालों में पहली बार (एबीपी न्यूज के अनुसार) देश में बेरोजगारी दर 6.5 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 7.1 तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर पहली बार 6.2 प्रतिशत पर पहुंचकर एक नया रिकॉर्ड कायम कर चुकी है। ये सभी आंकड़े 70 सालों में पहली बार परिलक्षित हो रहे हैं। हरियाणा, राजस्थान, गोवा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, बिहार, त्रिपुरा, दिल्ली और पंजाब सर्वाधिक ऊंची बेरोजगारी दर वाले राज्य हैं। इसमें परोक्ष या अपरोक्ष रूप से 6 बीजेपी शासित राज्य हैं। जिनमें कुछ राज्यों में 15 साल तो कुछ राज्यों में 6 साल से अधिक समय से। सत्ता में है। बाकी राज्यों राजस्थान में डेढ़ साल और झारखंड में एक साल पहले तक बीजेपी की डबल इंजन वाली सरकार सत्ता में थी।

तो ये तो साहेब की पार्टी की 70 सालों की उपलब्धियां रही है। इनके 70 सालों के सन्दर्भ में हम बहुत बात कर सकते हैं। लेकिन इस लेख को मैं बेरोजगारी दर को इंगित करना चाह रहा था। मुंह चलाने और समुचित संतुलन के साथ सत्ता चलाने में बहुत अंतर होता है। आज का मेरा यह लेख बेरोजगार मित्रों को समर्पित है।

जय हिन्द।।

2 comments:

  1. हम बेरोजगार बने घूम रहें हैं और घर- परिवार पर बोझ बनें हुए हैं. अब तो खुद से शर्म आने लगी है.

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