Saturday, August 10, 2019

पांच क्षेत्र के लोगों की राय पर होगा नए कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव

लगभग तीन महीने से खाली चल रहे देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष/अंतरिम अध्यक्ष के चुनाव के लिए अब कांग्रेस ने कोशिशें तेज कर दी है. ऐसा लगता है कि अब कांग्रेस को अपने नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए समय मिल गया है. हम इसे विडंबना हीं कहेंगे कि जिस कांग्रेस ने अंग्रेजों से लड़ते हुए देश को उनके चंगुल से मुक्त करवाया वो 20 वीं सदी में तीन महीने तक बिना किसी मुखिया के काम करती रही. खैर जो भी हो वो उनका आंतरिक मामला है. आज दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस में फैसले लेने वाली सबसे शक्तिशाली संस्था कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आहूति की गयी. जिसमें मीडिया रिपोर्ट के आधार को मानें तो मुकुल वासनिक, सुशील शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे कुछ अनुभवी और कुछ युवा नामों की चर्चा की गयी, परन्तु इस पर कार्य समिति में मौजूद समस्त सदस्य सहमत नजर नहीं आये. तो संगठन महासचिव श्री के सी वेणुगोपाल ने एक या दो नाम पर सहमति बनाने के लिए देश के हिस्सों को पांच जोन में बाँट दिया है. जिसका उद्देश्य यह होगा कि जनता और कार्यकर्ता के बीच ये संदेश न जाए कि उन पर किसी ब्यक्ति को अध्यक्ष बनाकर थोपा जा रहा है. इस तरह के फैसले देश के लोकतंत्र के लिए शुभ-संकेत है. 

अध्यक्ष /अंतरिम चुनने के लिए क्षेत्र वार कुछ इस तरह बांटा गया है -

वेस्ट जोन

शुरुआत वेस्ट जोन से करते हैं. इस जोन के अंतर्गत गुजरात, दादर नगर हवेली, दमन दिव, मुंबई , मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा और राजस्थान राज्य शामिल हैं. इस जोन में राहुल गांधी, खड़गे, मोतीलाल वोरा, गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, सिद्दरामैया, श्रीनिवासन बी वी, कुलदीप विश्नाई और जितिन प्रसाद के नाम शामिल हैं.

ईस्ट जोन

ईस्ट जोन के अंतर्गत आने वाले नाम और क्षेत्र इस प्रकार हैं, सोनिया गांधी, तरुण गोगोई, आरपीएन सिंह, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, कुमारी शैलजा, पीएल पुनिया, शक्तिसिंह गोहिल, दीपेंद्र हुड्डा, शामिल हैं. इस जोन में देश के बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल है.

नार्थ जोन

देश के उत्तरी क्षेत्र (नॉर्थ जोन) में दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश राज्य आते हैं. इस जाने की जिम्मेदारी हाल हीं में औपचारिक तौर पर राजनीति में आने वाली और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पी चिदंबरम, अविनाश पांडे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीसी चाको और आशा कुमारी शामिल है. 

साउथ जोन

देश के दक्षिणी क्षेत्र (साउथ जोन) में पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, राजीव साटव, अधीर रंजन चौधरी और सुरजेवाला जैसे नाम शामिल हैं और इस क्षेत्र के जिम्मे आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, लक्षद्वीप, पुदुचेरी और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल है.

नार्थ ईस्ट जोन

नार्थ ईस्ट जोन में जो क्षेत्र आ रहें है उनमें अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम, सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा शामिल है. इस क्षेत्र की जिम्मेदारी अहमद पटेल, हरीश रावत, ओमान चांडी, अम्बिका सोनी, दीपक बाबरिया, मीरा कुमार, और सचिन राव के कंधों पर है.

खैर अब खबर आ रही है कि उपरोक्त बनी कमेटियों से श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने अपने नाम वापस ले लिए हैं.

यूपीए चेयरपर्सन श्रीमति सोनिया जी और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गाँधी नए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे. ये संघ/भाजपा के मुंह पर तमाचा है और एक सच्चे लोकतंत्र की परिभाषा है.




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