Wednesday, August 3, 2022

तिरंगा रैली

आज सरकार ने और उसके सांसदों ने दिल्ली में संसद भवन से विजय चौक तक तिरंगा रैली का आयोजन किया। जिसे काफिले के साथ गाजे-बाजे और हूजूम के साथ समाप्त कर दिया गया। वैसे तिरंगा समस्त देशवासियों के लिए सम्मान की बात है और तिरंगे का हक हमें करोड़ों बलिदानों और सैकड़ों सालों की कुर्बानी कुर्बानी के बाद हासिल हुआ है‌। तिरंगे की इस तरह प्रदर्शनी लगाकर क्या आज सरकार देशवासियों को अपरोक्ष रूप से राष्ट्रभक्ति साबित करने के लिए कर रही है? उसके संबंध में मेरा सरकार से कुछ सवाल है -
१) संघ के प्रथम संविधान की धारा - ५ में तिरंगे को स्टेट का ध्वज एवं भगवा ध्वज को राष्ट्रीय ध्वज माना है, ऐसा है तो प्रधानमंत्री जी के इस पर क्या विचार हैं?
२) बीजेपी की मातृ संगठन आर एस एस ने आजादी के ५२ सालों तक अपने नागपुर मुख्यालय पर तिरंगा क्यों नहीं लगाया ?
३) आर एस एस की शाखाओं में तिरंगे को सलामी क्यों नहीं दी जाती?
४) प्रधानमंत्री मोदी जी के आह्वान हर घर तिरंगा अभियान के तहत संघ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तिरंगा क्यों नही लगाया?
५) जो तिरंगा सर्व धर्म समभाव को प्रदर्शित करती है, उस विचार को नकारने वालों पर सरकार ने कौन सी कार्यवाही की ?
६) संविधान का अपमान करने वाले कर्नाटक के अपने नेता के ऊपर बीजेपी ने क्या कार्यवाही की ?
७) आतंकवाद के आरोपी बीजेपी की एक सांसद ने जब गांधी जी के बारे में अक्षम्य टिप्पणी की, तो उसके खिलाफ बीजेपी/ संघ ने क्या कार्यवाही की ?
आज तिरंगा यात्रा निकालने के पीछे संघ का छिपा ऐजेण्डा है। संघ/भाजपा के लोगों के ऊपर जो कलंक पिछले ९० सालों से लगता आया है। उस कलंक से पीछा छुड़ाने के लिए ये सब तरह-तरह के जतन कर रहे हैं और तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं और राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रयोग करके अपने काले इतिहास से पीछा छुड़ाने की नाकामयाब कोशिश कर कर रहे हैं। अगर सच में तिरंगे से प्यार है तो संघ की शाखाओं में राष्ट्रगान अनिवार्य किया जाना चाहिए।

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