दोपहर बाद जैसे हीं लोग टीवी या सोशल मीडिया को देखा होगा। एक खबर आँखों के सामने तैरने लगी होगी और वो खबर सीडीएस बिपिन रावत का हेलीकाप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर जिले में दूर्घटनाग्रस्त होने की थी. जिसमें श्री रावत के अलावा उनकी पत्नी श्री समेत 14 लोग सवार थे. यह खबर हम देशवासियों के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी. हम सभी देशवासी उनकी सलामती की कामना कर रहें हैं. रावत जी किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे हैं. उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें बहुत से वीरता पुरस्कार और अन्य प्रख्यात पुरस्कारों से भी समय-समय पर भारतीय सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है. फिर एक बार मैं भगवान से आशा करता हूँ कि वो सही सलामत फिर से हमारे बीच होंगे। हादसा काफी भयावह प्रतीत हो रहा है।
लेकिन शाम होते-होते एअर फोर्स ने उस बात को बताया जिसका किसी को कोई उम्मीद नहीं थी और वो थी बिपिन रावत उनकी धर्मपत्नी समेत हेलिकॉप्टर में सवार चौदह लोगों में से तेरह लोगों की शहादत हो गई है। यह खबर देशवासियों के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। रावत जी का सफर बहादुरी से भरा हुआ है। उनके न जाने कितने बहादुरी के किस्से हम देशवासियों के सामने है।
नमन आंखों से जनरल को नमन।
No comments:
Post a Comment