बंगाल की जनता ने दो महीने उबाऊ और नफरती प्रचार का जबाब ममता को प्रचण्ड बहुमत देकर दिखाया। प्रधानमंत्री से लेकर उनके बेवकूफ मंत्रियों ने जिस नफरत की फसल को काटना चाहा। उसे बंगाल के सभी कौम के लोगों ने नकार दिया और पिछली साल के 209 सीटों की तुलना में इस 212 सीटों के साथ ममता को लगातार तीसरी बार सत्ता पर बिठाया। इस चुनाव में देश ने बहुत कुछ देखा। जिसमें गिरती भाषा की मर्यादा को भी देखा। ममता बनर्जी पर हुए हमले को भी देखा। बिके हुए मीडिया को भी जनता ने इसी चुनाव में देखा। इन सब के बीच भारतीय जनता ने चुनाव आयोग की विवशता को भी देखा। जो कोई भी फैसला संविधान सम्मत नहीं कर सका।
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