कोविड के इस महामारी के दौर में आप सुरक्षित रहिये. आपसे हमारी यही अपेक्षा है. हर जिम्मेदार नागरिक बस यही प्रार्थना कर रहा है. लेकिन जिन निति नियंताओं के हाथों में हमने जीवन की बागडोर थमाई थी. वो लाशों के ढेर पर खड़े होकर चुनावी रैलियां कर रहें हैं. हमने जिनको अपने सपनों को सजाने का जिम्मा दिया था. वो दूर कहीं प्रचार में नजर आते हैं और रात में आठ बजे हमारी सुरक्षा को लेकर मीटींग करने का ढोंग करते है और सुबह होते हीं लाशों की ढेर पर खड़े होकर चुनावी सभाओं के शोर में विभोर हो जाते है.
इन सबके बीच सोशल मीडिया पर मदद करने वालों की सूची में दो-तीन नाम बहुत तेजी से निकल कर आ रहैं हैं. जिनका नाम क्रमशः श्रीनिवास बी वी, दिलीप पांडेय और शलभमणि त्रिपाठी है. ये तीनों ब्यक्ति राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले है. जहां श्रीनिवास भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, दिलीप पांडेय दिल्ली से आप पार्टी के विधायक हैं और सशलभमणि त्रिपाठी जी पत्रकार से बीजेपी के कार्यकर्ता बनें हुए हैं. आज इस महामारी के दौर में ये तीनों ब्यक्ति किसी भी पीङित की सहायता करने में सबसे आगे हैं. सोशल मीडिया पर मात्र एक संदेश से ये सेवा के लिए दौड़ पड़ते हैं.
इन सबमें श्रीनिवास बहुत आगे हैं. लिहाजा वो एक संगठन के प्रमुख है. तो उनकी टीम पूरे देश में है. पिछले लाकडाउन से लेकर अब तक अनवरत रूप से श्रीनिवास की टीम कोरोना मरीजों और मजबूर मजदूरों की मदद कर रहें हैं. ट्विटर तमाम ऐसे संदेशों से भरा पड़ा है. जिनके लिए भारतीय युवा कांग्रेस की टीम ने आपातकालीन स्थिति में उपयोग होने वाली जीवनरक्षक दवाइयों से लेकर आक्सीजन, प्लाज्मा डोनर और खाने-पीने का बेहतर प्रबंध किया. श्रीनिवास जी के इस भाव को देकर आज हर परेशान आदमी की पहली आशा बी वी की टीम होती है. इन्हीं सब कामों के बदौलत आज श्रीनिवास जी दक्षिण के राज्य कर्नाटक से होते हुए भी पूरे देश में अपनी पहचान बना चुके हैं और देश की राजनीति का एक जाना पहचाना नाम बन चुके है. आज का समाज उनके किये गए कार्यों का ऋणी रहेगा.
जो काम सरकार में बैठे लोगों को करना था. वो काम मात्र कुछ लोग विपक्ष एवं एकाध सत्ता पक्ष के लोग कर रहें हैं. इस संकट की घड़ी मन प्रधानमंत्री प्रचारमंत्री बने हुए हैं और गृहमंत्री उनके रणनीतिकार बनकर बंगाल में कोरोना को दावत दे रहें हैं. जब पार्टी के नेता बन प्रधानमंत्री प्रचार करने में ब्यस्त हैं तो ऐसे में मंत्रालय उनके कनिष्ठ सहयोगी भला कैसे पीछे रहने वाले थे ? वे लोग भी कोरोना पर विजय हासिल के करने के बजाय ममता बनर्जी पर विजय हासिल करने के लिए चुनाव में दिन-रात एक किये हुए हैं. लेकिन श्रीनिवास बी वी आपको आपकी मदद के लिए हमेशा याद किया जाएगा और आपको इतिहास हमेशा एक योद्धा के रूप में याद करेगा.
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