Tuesday, October 5, 2021

प्रियंका गांधी

लखीमपुर खीरी में हुए किसानों के साथ बर्बरता के संबंध में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू और संदीप सिंह फिलहाल चालीस घण्टों से पुलिस की गिरफ्त में हैं। इन नेताओं की गिरफ्तारी का कोई वाजिब ज़बाब पुलिस की तरफ से नहीं आया है और न हीं इतने घण्टों की गिरफ्तारी के बाद इन नेताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है। इस तरह का आरोप खुद प्रियंका गांधी जी ने चिट्ठी लिखकर लगाया है। किसानों के साथ जितना क्रूर मजाक इस पापी भाजपा सरकार ने किया है, शायद इतिहास में उतना बड़ा पाप अंग्रेजी हुकूमत ने भी नहीं किया होगा।

आज उत्तर प्रदेश में किसानों की हक की लड़ाई में केवल कांग्रेस और प्रियंका गांधी वाड्रा हीं विपक्ष का सबसे बड़ा और विश्वसनीय ब्रांड बनकर उभरी हैं। कांग्रेस पार्टी किसानों की आवाज को आमजन तक बहुत आक्रामकता के साथ रख रही है। बीजेपी बेशक इसे विपक्ष की राजनीति कहे उससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि अगर ऐसी राजनीति होती है तो वो देश और समाज के लिए शुभ हैं। यहां पर सरकार की तमाम शिथिलता जनता के सामने आ रही है।

इस किसान हत्याकांड में चार किसानों समेत आठ लोगों की हत्या की गई है। ऐसी खबर तमाम चैनलों और अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। लेकिन इन सब के बीच अखिलेश यादव और मायावती के नदारद रहने की भरपाई कांग्रेस और प्रियंका गांधी ने पूरा किया। किसानों की हत्या आने वाले चार महीने बाद होने वाले चुनाव में बीजेपी को बहुत नुकसान पहुंचाने वाला है। कांग्रेस और विपक्षी दल इस समय पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ा है और संघ/बीजेपी मुखौटे के पिछे छिपने की कोशिश में हैं।

गिरफ्तारी के दौरान सीतापुर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लिखा गया कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी का पत्र-





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