Tuesday, July 30, 2019

उन्नाव रेप पीड़िता को न्याय नहीं मौत देने की कोशिश

उत्तर प्रदेश में कानून ब्यवस्था की हालत ऐसी है कि उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर ने जिस युवती का बलात्कार किया। अब उसके परिवार वालो को भी एक-एक कर मारा जा रहा है. दो दिन पहले पीड़िता अपने वकील और मौसी के साथ सड़क रास्ते से जा रही थी कि रायबरेली के पास एक ट्रक ने उनकों रौद दिया जिसमें पीड़िता की मौसी की मौत हो गयी जबकि पीड़िता और उसका वकील अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूला झूल रहें हैं. ऐसे क़ानून-ब्यवस्था वाले राज्य के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ (अजय सिंह बिष्ट) देश का रोल मॉडल बता रहें हैं. रेप पीड़िता की कहानी के बारे में सुनेंगे तो ऐसा लगेगा कि आपके सामने कोई फिल्म चल रही है. जिस तरह से पीड़िता के परिवार को एक-एक करके खत्म किया गया या खत्म किया जा रहा है. पीड़िता ने जब पिछले साल उन्नाव बीजेपी विधायक के खिलाफ आवाज उठाई तो तो उसके घर-परिवार वालों पर प्रशासन की तरफ से बहुत दबाव डाला गया और उसके पिता को उठाकर जेल में बंद कर दिया गया. जहां जेल में उसके पिता की रहस्यमय तरिके से मौत हो जाती है और उस मौत की कलई अभी खुली भी नहीं थी कि पीड़िता के चाचा के आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे पुलिस द्वारा कायम कर जेल में डाल दिया जाता हैं. इतना सब होने के बाद भी जब वो नारी अपना हिम्मत नहीं हारती तो हादसे के नाम पर उसे उसके परिवारजनों के साथ कुचल कर मार देने की खौफनाक साजिश को अंजाम दे दिया जाता है. निश्चित तौर पर इस घटना के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है और सरकार को उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराने का काम हम जनता का है. दुःख की बात ये है कि बीजेपी की लोकसभा की महिला संसद सदस्य सम्माननीय श्रीमती मनोरमा देवी जी को सपा सांसद आजम खान ने कुछ कह दिया तो भक्त पार्टी की सारी महिला सांसद का अपमान हो गया और वो आजम की संसद सदस्यता खत्म करने के लिये एक सुर में अपनी आवाज बुलंद की जो ठीक भी था पर आज जब दूसरी महिला का बलात्कार उनकी हीं पार्टी के विधायक द्वारा किया गया और उसके बाद उसे जान से मार देने की साजिश रची गयी तब इस मौके बीजेपी की महिला सांसदों की चुप्पी बहुत शर्मिंदा करने वाली प्रतीत होती है. भाजपा की क्या मजबूरी है कि एक बलात्कारी विधायक को प्रचंड बहुमत के बाद भी अपनी पार्टी में रख रखी है. बीजेपी और उसके अध्यक्ष की ऐसी क्या मजबूरी है जो जेल में बंद बलात्कारी के साथ खड़े होने के लिए मजबूर कर रही है ? बीजेपी जैसे फर्जी राष्ट्रवाद की प्रवर्तक है उसी तरह फर्जी महिला सम्मान की भी प्रवर्तक है. 

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