कल की चुनाव रैली में देश के प्रधान मंत्री ने आतंकी हमले में 1991 में शहीद हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गाँधी जी के संदर्भ में राहुल गाँधी को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपके पिताजी को आपके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था. लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नम्बर वन के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया. नामदार यह अहंकार आपको खा जाएगा. ये देश गलतियां माफ करता है, मगर धोखेबाजी को कभी माफ नहीं करता.' यह अत्यंत निंदनीय एवं घिनौना बयान था और तो और यह बयान किसी पार्टी का छोटा कार्यकर्ता देता तो बात समझ में आती पर जब इस तरह का शब्द देश का प्रधानमंत्री बोले तो इससे ज्यादा बुरा, दुखद और निंदनीय कुछ भी न नहीं हो सकता. पूरा देश जानता है कि राजीव गांधी ने देश के युवाओं को वोट का अधिकार 18 साल की उम्र में दिया जो 21 साल होता था, राजीव जी ने हीं पंचायती राज की कल्पना की और उस पर काम कर के देश के सुदूर गाँव में बैठे लोगों के हाथ में ताकत दिया, राजीव गाँधी जी ने ही "सूचना क्रांति" का जाल इस देश के कोने-कोने में फैलाया इसके बारे में देश के हर जागरूक नागरिक को पता है. उस बारे में मोदी जी जनता को बहला नहीं सकते तो उन्होंने राजीव जी को भ्र्ष्टाचारी कह कर देश की जनता को बरगलाने का काम किया. हाँ एक बीजेपी के एक नेता अग्रवाल जी जो रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के पूर्व उम्मीदवार भी रह चुके हैं (जो आजकल रायबरेली से सोनिया जी को जितने के लिए ). उन्होंने "बोफोर्स तोप" को लेकर राजीव जी पर घोटाले का आरोप लगाया था परन्तु माननीय हाई कोर्ट द्वारा राजीव गाँधी जी को उनके मरणोपरांत बाइज्जत बरी कर दिया था. तो इससे एक सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी जी का हाई कोर्ट पर यकीन हैं, क्या नरेंद्र मोदी जी कोर्ट की अवमानना नहीं कर रहे हैं. परन्तु मोदी जी को जबाब देते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि मेरी तरफ से आपको इस नफरत भरी टिप्पणी के लिए प्यार. यहीं होती है इंसानियत जिसकी कमी वर्तमान प्रधानमंत्री में हैं. वो भूल जाते हैं कि कल को उनके बारे में भी ऐसा हीं बोला जाता है और उसे सही ठहराने के लिए मोदी जी का राजीव तर्क दिया जाएगा. अब कुछ ऐसे सवाल जनमानस के मन में तैरने लगे हैं. एक मृत ब्यक्ति के बारे में आप आरोप लगा रहे है जो कि आपको जबाब देने के लिए आज जिन्दा नहीं है. ऐसा करके आप हमारे धर्म के विचारों का और उनके पवित्र आत्मा का भी अनादर कर रहें है. मुझे और मेरे जैसे देश के करोड़ों लोगों को आपका यह बयान आपके ओछेपन चरित्र का प्रमाण देता है. रायबरेली और अमेठी की जनता ने उन्हें बहुत प्यार दिया है और प्रधानमंत्री जी के इस बयान ने यकीनन उन्हें काफी दुःख पहुंचाया है जिसका नुकसान निश्चित तौर बीजेपी को इन दोनों सीटों पर उठाना पड़ेगा क्योंकि राजीव जी की यादें वहां के लोगों की साँसों में बसी है. जिसको वहां के बासिन्दे आज भी महशूस करते हैं.
मैंने अपनी 32 साल की उम्र में वर्तमान भाजपा नेताओं ने जैसे भाषा की मर्यादा गिराई है वैसा कभी नहीं देखा। विपक्ष में अटल जी जैसे बहुत बड़े कद के नेता थे, आडवाणी जैसे फायर ब्रांड नेता थे, सुषमा, जेटली, राजनाथ जी जैसे कद्दावर नेता थे पर उन्होंने इस तरह की नीचता अपने भाषाओँ के माध्यम से नहीं फैलाई जैसे की नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह के आने के बाद भाजपा ने किया और उसमें सबसे अग्रिम पक्ति में मोदी जी स्वयं हैं. मोदी जी को समझने के बाद मणिशंकर अय्यर के बयानों की निंदा करने की गुंजाईश कम हो जाती है. इन लोगों ने चुनाव-दर-चुनाव भाषा की मर्यादा को गिराते हुए रसातल में लाकर खड़ा कर दिया है. अतिश्योक्ति नहीं होना चाहिए जब नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह मंच पर खड़े होकर माँ-बहन की गाली बके और उनके अंध भक्त इसे देशभक्ति साबित करने पर तुल जाएँ वैसे भाजपा के हिमाचल प्रदेश प्रमुख ने भरे मंच से राहुल गांधी जी की माँ को गाली देने से शुरुआत कर दी हैं.
bAHUT dukhad hai aaj ke satta men baithe log bs jhooth bolte hai or kuchh nhi
ReplyDeleteकब क्या बोल दें इनका कोई भरोसा भी नहीं है ? बाकी बात राम भरोसे हिंदुस्तान।
ReplyDelete