Tuesday, August 18, 2020

फेसबुक की निष्पक्षता पर भारत में बवाल क्यों ?

आजकल देश में सोशल मिडिया को लेकर काफी चर्चा की जा रही है। जिनकी कुछ जायज और कुछ नाजायज वजहें हैं। ताज़ा चर्चा देश में आज फेसबुक को लेकर है। जिसका देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस मुखर होकर चर्चा और बहस कर रही है। अमूमन आप फेसबुक चलाने वाले लोग इस अनुभव से दो-चार हो रहे होंगे कि जब भी आप अपने विचार को फेसबुक के माध्यम से रखतें हैं। तो अगर एक खास विचार धारा (दक्षिण पंथी) को पसंद नहीं आती है तो ऐसे लोग गाली-गलौज करने लगते हैं। जिससे कई बार मैं भी दो-चार हुआ हूं। उनके गन्दे कमेन्ट के बाद कई बार बहुत ग्लानि होती है। पर क्या करें आज का दौर सोशल मीडिया का है।

आइए फेसबुक पर सवाल क्यों खड़े हो रहें हैं ?

  1. फेसबुक जानबूझ कर बीजेपी और संघ समर्थकों के आपत्तिजनक विडियो और लेख अपने प्लेटफार्म से नहीं हटाया।
  2. फेसबुक बीजेपी के बनिस्पत दूसरे पेजों और विडियो पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने प्लेटफार्म से हटा देता है।
  3. फेसबुक धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, अनंत हेगड़े, डी राजा सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि इसी केस में ट्विटर ने अनंत हेगड़े का अकाउंट ब्लाक कर दिया था।
  4. फेसबुक सुरक्षा का आम देखने वाली आंखी दास ने फेसबुक टीम के साथ हुए मीटिंग में यह बात कही कि यदि भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की गई तो भारत में फेसबुक की कमाई पर विपरित असर पड़ सकता है।
  5. फेसबुक पर महिलाओं के बारे में ओछी टिप्पणी के सन्दर्भ में आंखी दास ने फेसबुक के एक अमेरिकी अधिकारी को कहा कि, आप इसे रहने दिजिए, भारत में ऐसा होता है।

यदि फेसबुक को पूर्व की भांति जनता का विश्वास बहाल करना है तो बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करनी चाहिए। और नफरती भाषण और लेखों को तुरंत अपने डाटा सेंटर से हटा देना चाहिए। फेसबुक को मैकेनिज्म के माध्यम से फर्जी अकाउंट और उससे होने वाले अशोभनीय कमेन्ट को रोकने की दिशा में कुछ जरूरी सुधार वाले कदम अविलंब उठाने चाहिए।

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