आज लाकडाउन के चौथे चरण का सन्देश दे दिया। जो कल से प्रभावी होगा। लेकिन इस बार भी पूर्व की भांति गरीब, निरिह मजदूरों को फिर से बेसहारा छोड़ दिया गया। सरकार ने लाकडाउन तो बढ़ाया पर घरों से निकल चुके सड़कों पर चल रहे बेबस मजदूरों को बिना किसी सहुलियत के सड़क पर छोड़ दिया। कम से कम सरकार को गरीब मजदूरों को उनके घर तक सकुशल पहुंचाने का प्रबंध किया जाना चाहिए था। उसके बाद सरकार लाकडाउन बढ़ाने का फैसला करना चाहिए था।
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