Monday, March 18, 2019

पर्रिकर जी को नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि

कल शाम कैंसर जैसी घटक बिमारी से जूझ रहे गोवा के वर्तमान मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षामंत्री श्री मनोहर पर्रिकर का असामयिक देहांत हो गया. जैसे ही उनकी मृत्य की खबर उनके परिवार के लोगों को डाक्टरों द्वारा दी गई तो देखते हीं देखते पूरे देश में यह खबर आग की तरह फ़ैल गयी और फैलना भी चाहिए क्योकि मेरी नजर में आज के राजनीति के दौर में पर्रिकर और माणिक राव सरकार दो हीं ऐसे नेता थे जो वास्तव में जन नेता कहे जा सकते है. इन दोनों की दिनचर्या और कार्य करने की शैली में भी बहुत समानता देखने को मिलती है. जैसे ये दोनों नेता मुख्यमंत्री होते हुए भी जनता के लिए हमेशा शुलभ रहें है, इनके साथ सुरक्षा का कोई बहुत बड़ा तामझाम भी नहीं होता था. ये दोनों नेता रिक्शा की सवारी और अकेले स्कूटर और पैदल भी निकलने से नहीं हिचकते थे. आज मैं मनोहर पर्रिकर को भाजपा का हीं नहीं अपितु देश के कुछ अत्यंत शिष्ट नेताओं में गिनती करता हूँ. 

मनोहर पर्रिकर के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु :
  • एक मध्यमवर्गीय परिवार में 13 दिसंबर 1955 को मनोहर पर्रिकर का जन्म हुआ था. पर्रिकर जी की शुरूआती शिक्षा लोयोला हाई स्कूल से शुरुआती शिक्षा हासिल की थी.
  • आईआईटी-बंबई से इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. 
  • आईआईटी डिग्री धारी देश के पहले मुख्यमंत्री बनने का गौरव पर्रिकर जी को प्राप्त हुआ था.
  • मनोहर पर्रिकर जी की छोटी उम्र में हीं आरएसएस से रिश्ता जोड़ लिया था और वह स्कूल के अंतिम दिनों में आरएसएस के ‘मुख्य शिक्षक’ बन गए थे. 
  • मनोहर पर्रिकर जी 1994 में भाजपा से अपनी राजनीति की पारी का शुरुआत किये और पणजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता.
  • मनोहर पर्रिकर जी 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के पहली बार मुख्यमंत्री बने.
  • कुल 4 बार पर्रिकर जी गोवा के मुख्यमंत्री रहे.
  • मनोहर पर्रिकर जी को साइकिल का बेहद शौक था. वो खाली वक्त में साइकिल चलाया करते थे. 
  • हवाई चप्पल और हाफ शर्ट मनोहर पर्रिकर जी की अमिट पहचान थी. 
  • खेलों की बात करें तो पर्रिकर जी को फ़ुटबाल खेलना बहुत पसंद था.
ये थी कुछ परिकर जी से जुड़ें हुए अति-महत्वपूर्ण तथ्य.

मनोहर पर्रिकर जी निश्चित रूप से अपनी विचारधारा और अपनी पार्टी के लिए नेता थे. उसका सबसे बड़ा उदाहरण 2017 के गोवा चुनाव में भी देखगे जा सकता है. जब गोवा विधान सभा का चुनाव हुआ और उस चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी और बीजेपी दुसरे नंबर की पार्टी रही और जब सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने संभावनाएं तलाशनी शुरू की तो गोवा के निर्दलीय और क्षेत्रीय पार्टियां जैसे MGP, MFG ने बीजेपी नेतृत्व को साफ़ शब्दों में कहा था कि मनोहर पर्रिकर को वापस दिल्ली से गोवा लेकर आओ तो हम बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार हैं और जब पर्रिकर जी को यह बात बताई गयी तो बिना देर किये पर्रिकर जी गोवा आने के लिए तैयार हो गए और वहां पर एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनाने में अपनी अहम भागीदारी का निर्वहन किया. पर्रिकर जी के कुछ बड़े फैसले रहे हैं जब वो देश के रक्षमंत्री रहे. जब उरी हमले में हमारे 17 से ज्यादा जवान आतंकियों के कायराने हमले में शहीद हुए थे उस उस वक्त पूरा देश गुस्से से उबल रहा था और हर तरफ से सरकार पर सवालों का बौछार हो रहा था तब परिकर जी बहुत शांत चित्त थे पर उनके दिमाग में कुछ बड़ा चल रहा था. उरी हमले के दो हफ्ते बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर उन्हें बहुत गहरा घाव दिया था जिसमें उनके सेना और कई आतंकी लोग मारे गए थे. जिसे "सर्जिकल स्ट्राइक" नाम दिया गया था और इस आपरेशन को हमारे जवानों ने बिना किसी क्षति के बहुत हीं सफलता पूर्वक अंजाम दिया था. मनोहर पर्रिकर जी का नाम उरी हमले के बाद पाक में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक से इतिहास के साथ अमर हो गया है. दूसरा जो बड़ा कार्य पर्रिकर जी ने किया वो भूत पूर्व जवानों के लिए ओ आर ओ पी को भी कुछ कमियों के साथ लागू करने का फैसला था.

मैं अपनी समझ के अनुसार अपनी लेखनी के माध्यम से श्री पर्रिकर जी को श्रद्धांजलि दे रहा हूँ. भूल वश किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

जय हिन्द      

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