आज साढ़े 11 बजे के आस-पास सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा "राष्ट्र के नाम संदेश" का एक ट्वीट आया और देखते हीं देखते गोदी मीडिया इस पर अपने परम धर्म का निर्वहन करते हुए सरकार के पक्ष में तर्कों का पुल बाँधने लगी. मैं करीब एक घंटे तक आज तक हिंदी न्यूज़ चैनल को देखा कि सूट-बूट धारी एंकर ने इस एक बहुप्रतिक्षित सन्देश का सारा सार राष्ट्रीय सुरक्षा पर दाल दिया और ये अपने तर्कों में दाऊद को भी भारत ले कर आ गए थे, सीमा पार किसी बड़े आतंकी संगठन पर कार्यवाई भी करवा दी थी, मणि पुर सीमा पर म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक करवा दी और तो राहुल गाँधी के "NYAY" की काट और बीजेपी की चुनावी जीत की भी परिकल्पना गढ़ दी. इस तरह के न जाने कितने तर्कों और विशेषणों के माध्यम से सरकार के पक्ष में एक घंटे तक खूब हवा बाँधी पर जब प्रधानमंत्री जी सामने आये तो बात कुछ दूसरी निकली। जो बात प्रधानमंत्री के संदेश में निकली वो कोई कम नहीं थी बहुत हीं ऐतिहासिक थी पर इन गोदी मीडिया वालों के तर्कों से सीधे उलट थी.
जब साढ़े 12 बजे के आस-पास मोदी जी टीवी पर अवतरित हुए तो उन्होंने ये सन्देश दिया कि "DRDO और ISRO के कर्मठ वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को सलाम और बधाई, कुछ समय पूर्व हमारे वैज्ञानिकों ने लो अर्थ ऑर्बिट में लाइव सेटेलाइट को मार गिराया. भारत अंतरिक्ष शक्ति हासिल करने वाला अमेरिका, रूस, चीन के बाद चौथा देश बना, हमें हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व करते हैं."
निश्चित तौर पर एक राष्ट्र के लिए खबर बहुत बड़ी और मन को शुकून देने वाली रही कि हम उन देशों में शामिल हो गए हैं जो अपने सरहद की रक्षा जल, थल, नभ से प्रभावी रूप से कर सके. एक देशवासी होने के नाते हमें अपने वैज्ञानिकों द्वारा अर्जित किये गए इस अविश्वसनीय सफलता के लिए उन्हें बधाई और सलामती की दुआ करनी चाहिए। आज का ये गौरव पूर्ण पल हमारे वैज्ञानिकों के सालों-साल के अथक मेहनत का नतीजा रहा है जिनके बल पर आज हम अपने आपको विश्व की चौथी अंतरिक्ष शक्ति के तौर पर स्थापित किये हैं. परन्तु निराशा गोदी मीडिया के रवैये से हुई. गोदी मीडिया के तर्कों को देखकर अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि यह देश के चौथे खम्भे के चरित्र में क्षरण है. मीडिया वाले अब पत्रकारिता का नहीं बल्कि चटुकारिकता का काम करने में ज्यादा गौरवान्वित महशूस करने लगे है. अपनी मेहनत से सच खबर ढूढ़ना अब इनकी आदत में नहीं रह गया है.
जय भारत
जय विज्ञान
