Tuesday, December 4, 2018

चोर पर शोर


आज राहुल गाँधी के एक शब्द "चोर" ने इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा किया है जैसे यह शब्द हिन्दुस्तान के इतिहास में पहली बार आया है,परन्तु जो आज इस शब्द को लेकर राहुल गाँधी को गाली दे रहे है,अपशब्दों से महिमामंडित कर रहे हैं तो मै उनके लिए कहना चाहता हूँ कि या तो उनकी मानसिक हालत सही नहीं है या उन्होंने जो किया है उसे याद करने में अब शर्म महशूस करने लगे हैं. एक बात मै दावे के साथ कह सकता हूँ कि जो जितना चीख-पुकार मचाता है वो उतना बड़ा नौटकीबाज होता है मै चोर शब्द का इतिहास ढूढ़ने लगा कि पहली बार देश में कब किस प्रधानमंत्री को चोर बोला गया था और किसने बोला तो आप दोस्तों को यह जानकर हैरानी नहीं होनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने वाले अंग्रेजो के दोस्त ही थे भाइयों समझ गए न अरे संघ और भाजपा वाले.

1990 का वो दौर था जब स्व.राजीव गाँधी जी देश के प्रधानमंत्री थे और उसी समय "बोफोर्स" तोप की खरीददारी भारतीय थल सेना के लिए की गयी थी और उस खरीद में विपक्ष के लोग खासकर जनता पार्टी,बीजेपी,संघ और विपक्षी पार्टियों ने घोटाले का आरोप लगाया था.यह मामला कोर्ट में भी गया और राजीव जी को मरणोपरांत कोर्ट ने निर्दोष करार दिया,हाँ बात हो रही थी "चोर" शब्द की तो जो आज की सरकार में मंत्री बने बैठे हैं ज्यादातर लोग उस समय विपक्ष में थे तो 1990  का जब चुनाव होने वाला था उस समय यही अरुण जेटली,रविशंकर प्रसाद,महेंद्र नाथ पांडेय,अटल बिहारी वाजपेयी,लालकृष्ण आडवाणी,मुरली मनोहर जोशी जैसे तमाम नेता एक नारा लगते थे,जो इस तरह था-

गली-गली में शोर है
राजीव गाँधी चोर है

 उस समय इन कमल छाप चिमटों को प्रधानमंत्री के पद की गरिमा का सम्मान नहीं था या दिमाग के अंधे हो गए थे जो आज छाती पिट-पिट कर टीवी पर विधवा विलाप कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा राहुल गिरा रहें है अरे प्रधानमंत्री पद की गरिमा और देश के साथ गद्दारी का आपका तो पुराना इतिहास रहा है.1990 थोड़ा दूर हो गया क्योंकि हममें से कुछ लोग शायद पैदा भी नहीं हुए होंगे और अगर पैदा भी होंगे तो विश्लेषण करने की क्षमता नहीं रही होगी।

आप लोगों की याद्दाश्त के लिए मै बता दूँ कि 2013 में प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को यही आज के नेता जो विधवा-विलाप कर रहें है वही संसद के भीतर मनमोहन जी को चोर-चोर कहते थे,इसकी वैधता को सही ठहरने के लिए मैं ट्विटर पर जाने की सलाह दूंगा,जहाँ से आप दूध का दूध और पानी का पानी जान सकेंगे।

मनमोहन सिंह को कोट करते हुए लिख रह हूँ कि "30 अगस्त 2013 को जब भाजपा सांसदों ने मनमोहन सिंह को चोर कहा था तब मनमोहन जी ने संसद में ही कहा था कि कोई सांसद अपने देश के प्रधानमंत्री को चोर भी कह सकता है" तब कहा थे आज के कमल छाप दिमागी बीमार लोग जो चोर बोलने के लिए इतने उतावले थे की टीवी पर आकर बोलते थे ट्विटर पर "#मेरा पीएम चोर है" ट्रेंड कराते थे क्या तब उनकी नैतिकता संघ की शाखा में चली गयी थी या सांस हलक से निकल गयी थी. 

मैं हर किसी से उम्मीद करता हूँ कि सत्य लिखें सत्य बोलें क्योंकि सत्य ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकता.  

नोट:जिस किसी को इस लेख से कोई समस्या हो या सत्यता की पुष्टि करनी है तो उसके लिए "जनसत्ता"पेपर के लिंक को आप सब के साथ शेयर कर रहा हूँ.

https://www.jansatta.com/trending-news/when-bjp-leaders-called-former-pm-manmohan-singh-and-rjajiv-gandhi-pm-chor-hai/773393/


 नमः शिवाय
जय हो त्रिलोचन महादेव

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