आज साल 2020 का बजट आ रहा है. देश के अधिकतर लोगों के मन में एक डर यह है कि कहीं पूर्व की भाँति उन्हें एक और जुमला बजट देखने को तो नहीं मिलेगा। क्योंकि इस सरकार के पास देश के लिए कोई ठोस निति नहीं है. देश के युवा बेरोजगारों के लिए कोई योजना नहीं है. आज सदन में बोलते हुए वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी कह रही हैं कि " प्राइवेट सेक्टर को और ज्यादा स्पेस दिया जाएगा." तो इसका साफ़ मतलब निकला लेना चाहिए कि सरकार सरकारी कंपनियों को धड़ल्ले से बेचेगी और प्राइवेट या यूं कहें कि पूंजीपतियों को विशेष फायदा पहुंचाया जाएगा.
देश में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को सरकार से बहुत उम्मीद है. परन्तु दिल्ली को छोड़कर देश के अन्य राज्यों को इस बजट से कोई ख़ास फायदा नहीं होगा। वित्त मंत्री ने अभी ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक अहम घोषणा की है. किसानों की आय दोगुना करने के संदर्भ में सरकार ने एक 16 सूत्रीय कार्यक्रम बनाकर उसी पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक बजट पेश करने की कोशिश कर रहीं हैं. " गांव के स्तर पर खाद्यान्न भंडारण के लिए स्टोरेज बनाने का काम किया जाएगा." तथा दूसरी किसानों से संबंधित घोषणा ये है कि " 15 लाख किसानों को सरकार सोलर पम्प लगाने में मदद करेगी." सरकार 16 बिंदुओं पर अपना परन्तु अभी तक कुछ बड़ी घोषणा नहीं हो पायी है. किसान क्रेडिट कार्ड का लक्ष्य बढ़ाकर सरकार ने 15 करोड़ करने की घोषणा की है. वैसे हर किसान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड होना चाहिए.
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