Sunday, October 2, 2022

मैसूर में भीषण बारिश के बीच राहुल का भाषण

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा तमिलनाडु, केरल से होते हुए अब कर्नाटक में पहुंच गई है। पिछले दोनों प्रदेशों में इस यात्रा को भरपूर जनसमर्थन मिला। स्वयंसेवी संस्थाओं से लेकर राजनीतिक दलों ने बहुतायत संख्या में यात्रियों के साथ-साथ कदम से कदम मिलाकर चले। यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने विभिन्न वर्गों से वार्तालाप भी स्थापित किया। यह यात्रा कई मायनों में हिन्दुस्तान के लिए अहम होने वाली है।
अब तक देश में अधिकांश लोग राहुल गांधी को गंभीर नेता नहीं मानते थे। मीडिया और सरकार द्वारा राहुल गांधी की छवि को लगातार नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था। जब भारत जोड़ो यात्रा का विचार देश के सामने आया। जब भी दक्षिण पंथी विचार के लोगों ने इसका मजाक बनाया और कांग्रेस तथा राहुल गांधी के संदर्भ में भ्रामक जानकारियां परोसी गई।
इस नफरत भरे माहौल में एक ऐसा नेता भी है। जिसका नाम राहुल गांधी है। राहुल गांधी भारत यात्रा के दौरान एक नए मानदंड स्थापित किए जा रहे हैं। उसके दूरगामी परिणाम भारतीय राजनीति में देखने को मिलेंगे। हमने और खासकर युवा और बुजुर्गों ने अब तक देखा है कि देश में एक विशेष तबके के खिलाफ नफरत तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे माहौल में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा निकालकर वाकई हिंदुस्तान को जोड़ने का एक पुनित कार्य कर रहे हैं। आज मैसूर में हमने देखा कि भीषण बारिश के बीच में राहुल गांधी भीगते हुए बारिश की बूंदों के थपेड़ों को सहते हुए भाषण दे रहे थे और उनको सुनने के लिए भारी मात्रा में वहां जनता भी एकत्रित थी। ऐसी दुर्लभ तस्वीर भारतीय राजनीति के इतिहास में बहुत कम देखने को मिले हैं। मैं भी देख देख रहा हूं कि राजनीति में कटूता है बढ़ती जा रही है। जनता के हित की कोई बात नहीं करता बस अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए लोग एक-दूसरे पर निशाना साधते हैं। मैसूर में रात को भीगते हुए भाषण देते हुए राहुल को पूरे देश ने देखा और सोशल मीडिया पर वह वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ ऐसा ही वीडियो 2019 में महाराष्ट्र में देखने को मिला था। जहां 75 साल से ऊपर की उम्र पार कर चुके श्री शरद पवार जी सतारा में एक भाषण दे रहे थे और वह भी बारिश के बीचो बीच उनको सुनने के लिए वहां जनता भी भारी मात्रा में एकत्रित थे और ऐसा राजनीतिक पंडितों का मानना है कि शरद पवार के भाषण ने भारतीय जनता पार्टी को महाराष्ट्र में स्पष्ट बहुमत पाने से रोक दिया था।
राहुल गांधी जैसा कि अपनी भारत जोड़ यात्रा में हर धर्म , संप्रदाय, वर्ग, समुदाय के लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं तथा उनके प्रतीक स्थलों पर भी जा रहे हैं। संबंधित वर्गों के नुमाइंदों से, विद्यार्थियों से और सिविल सोसाइटी के लोगों से मिलजुल रहे हैं। यह देश के लिए सुखद संयोग है।


राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पूरे भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य करेगी ऐसा मेरा और मुझ जैसे करोड़ों लोगों का विश्वास है। हमने देखा है हाल के दिनों में क्या बुजुर्ग क्या युवा सभी लोग एक विशेष पार्टी और एक विशेष नेता के बड़े समर्थक रहे हैं। उन्होंने धर्म-सम्प्रदाय, जाति की बेड़ियों को तोड़कर भाजपा और मोदी जी को जिताने का कार्य किया‌। कुछ समय बाद देश के अंदर बदलाव भी दिखने लगा जो उनके मूल विचार थे। धर्म के नाम पर देश में ध्रुवीकरण किया जाने लगा। अब हमें अगली बार राज्यों के चुनाव एवं देश का चुनाव करते समय बारिश की बूंदों में भीगते हुए राहुल गांधी की और उनके कमिटमेंट की भी कदर करनी होगी और उनके विचारों के साथ हमें जोड़ना होगा। फिर हम मूल्यांकन कर सकते हैं कि हम किस विचार को वोट दें ?राहुल गांधी इस यात्रा के समापन के बाद एक नए अवतार में दिखाई देंगे। यह बात में कोई हवा हवाई नहीं कर रहा हूं।इसके पीछे तर्क यह है कि 150 दिन की यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक बिना किसी रूकावट के जब पूरी होगी तो देश के लोगों का राहुल गांधी और कांग्रेस में विश्वास बढ़ेगा यह हमारे देश के लिए हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा होगा।

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