Monday, August 10, 2020

लौट आए पायलट फिर भी गहलोत जीते

लगभग डेढ़ महीने से चला आ रहा राजस्थान का गतिरोध का आज पटाक्षेप होने को‌ है। जहां एक तरफ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट जी तीन निर्दलीय और १९ कांग्रेस विधायकों समेत मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी के खिलाफ बगावत का झण्डा बुलन्द किए हुए थे। आज उसी गहलोत के आगे नतमस्तक हुए हैं। जहां एक तरफ बागियों का प्रतिनिधित्व पायलट कर रहे थे वहीं दूसरी ओर कांग्रेस एवं सरकार का जिम्मा गहलोत के हाथों में आलाकमान ने सौंप दिया था। इस दरम्यान आरोप भी मुख्यमंत्री द्वारा पायलट पर लगाए गए, अमूमन शान्त रहने वाले लोगों गहलोत जी द्वारा पायलट के लिए कुछ कटु वचनों का भी प्रयोग किया गया। इस दौरान पायलट की तरफ से विशेष सावधानी बरती गई। जो शायद पायलट के ग्रूप ने रणनितिक रूप से किया था। जिसकी वजह से आज दोबारा कांग्रेस पार्टी में पायलट की वापसी संभव हुई।

बीते डेढ़ महीने के राजनीतिक अस्थिरता के बीच सचिन पायलट कभी भी कांग्रेस के खिलाफ खुलकर नहीं आए। अलबत्ता रणनितिक रूप से उनके विधायक जरूर मिडिया में नाना प्रकार के मसाला परोसने का काम करते थे। पायलट तो वाकई कांग्रेस से बगावत कर चुके थे। लेकिन भाजपा के साथ जाकर सरकार बनाने लायक उनके पास घोड़ों की संख्या नहीं थी। जिसके कारण विधायकों के दबाव बस या यूं कहें कि मजबूरी बस वो कांग्रेस में लौट आने को मजबूर हुए। अन्यथा वो भी सिंधिया बन गये होते और राजस्थान भी कांग्रेस मुक्त हो गया होता। गहलोत ने अपनी पूरी आस्था कांग्रेस नेतृत्व में दिखाई जिसकी वजह से गहलोत आज पायलट पर भारी दिखाई दे रहें हैं। अब तो एक बात कांग्रेस और भाजपा दोनों को हीं मान लेना चाहिए कि राजस्थान में अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे के कद का कोई दूसरा नेता नहीं है। 

अब जब सभी नाटकों का पटाक्षेप होने वाला है तो सचिन पायलट को कुछ वाजिब सवालों का जवाब राजस्थान की ८ करोड़ जनता को जरूर देना होगा-

१- सचिन पायलट राजस्थान सरकार में उप-मुख्यमंत्री थे और संगठन अध्यक्ष भी थे तो उन्हें कौन सा सम्मान नहीं मिला वो जनता को बताएं ?

२- वह कौन सा मुद्दा था जिसके लिए पायलट को बगावत करने के लिए मजबूर होना पड़ा ? जनता के सामने सत्य आना चाहिए।

३- कोरोना के समय में सभी विधायक बाड़ेबंदी में रहे जबकि उस समय उन्हें अपने क्षेत्र की जनता के साथ रहना चाहिए था। इसके लिए किसको जवाबदार माना जाए ?

४- अब कांग्रेस आपको कौन सा सम्मान देगी ? इसकी क्या गारंटी की आप फिर से बगावत नहीं करेंगे ?

५- अब जबकि पायलट जी आपकी निष्ठा सशंकित हो चुकी है। तो राज्य की जनता आप के उपर क्यों और कैसे विश्वास करेगी ?



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