बहुत ब्यस्तता के बीच आज कोरोना से बचते हुए ब्लॉग लिख रहा हूँ. बहुत दुःख के साथ लिखना पड़ रहा है कि हमारे देश की सीमा जो की लद्दाख में है. उसमें चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की. घुसपैठ तो की साथ-साथ टेंट भी डाल कर वहीं डेरा जमा लिया। लेकिन जो सबसे पीड़ादायक बात ये हुई कि सीमा पर झड़प के दौरान हमारे 20 बहादुर लाल मारे गए अर्थात वीर गति को प्राप्त हुए. यह उरी बाद दूसरी सबसे बड़ी हृदय विदारक घटना हमारे सामने आयी. फर्क बस इतना है कि उरी के वक्त पाकिस्तान और यहां चीन है. कुछ मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर मानें तो दुश्मन देश चीन के भी 43 या तो झड़प दौरान मारे गए या घायल है. अब तो चीन पूरी गलवान पहाड़ी पर अपना दावा जता रहा है. हमें चीन के इस घिनौनी करतूब से पहले हीं चौकन्ना रहने की जरूरत थी.