आज का दिन १४ नवंबर देश के पहले प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहरलाल का जन्म हुआ था. आज देश पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का १३० वां जन्मदिन मना रहा है जिसे देशवासी बाल दिवस के रूप में मनाते हैं. नेहरू जी एक विशाल ह्रदय के मालिक थे और प्रतिभा के धनी थे. नेहरू जी को बच्चों से बहुत लगाव था. जिसकी वजह से बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू पुकारते थे. जिस पर नेहरू जी काफी आह्लादित होते थे. नेहरू जी एक बड़े स्वतंत्रता सेनानी रहें थे. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश को समर्पित कर दिया था. नेहरू जी के पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी. नेहरू जी लंदन के प्रतिष्ठित स्कूल 'ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी' से पढ़ाई की थी. उनके पिता श्री मोतीलाल नेहरू जी लंदन के एक प्रतिष्ठित वकील थे. जिनके पास अथाह सोहरत थी. लेकिन अपने युवाकाल में नेहरू जी महात्मा गांधी जी से काफी प्रभावित थे. जिसकी वजह से उन्होंने अपनी वकालत के पढ़ाई के बाद उस पेशे को ज्यादा समय नहीं दिया और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए.
देश की आजादी के ७२ साल बाद आज हम देखें तो नेहरू जी को गाली दिया जाता है, उनके बलिदानों को खारिज करने की कोशिश की जा रही है, उनके विचारों पर पाबंदी लगाई जा रही है. इसे हम विडंबना हीं कह सकते हैं. जो नेता अपना सारा यश, वैभव माँ भारती को आजाद कराने के लिए कुर्बान कर दिया हो, उसके साथ इस तरह का ब्यवहार अपमानजनक किया जा रहा है. उनके बलिदानों को संघ/भाजपा अपने घृणित मानसिकता के साथ नाकरने की कोशिश कर रही है और उनके बारे में सोशल मीडिया से लेकर तमाम जगह केवल झूठ, भ्रम और अफवाह फैला रहे है. जैसा कि आज हीं देखने को मिल रहा है कि सत्ता से समर्थन प्राप्त कुछ झूठे लोगों का एक समूह ट्विटर पर #ठरकी_नेहरू ट्रेंड करा रहें हैं. जो हमारे लिए बेहद अपमानजनक स्थिति है.
नेहरू जी के जन्मदिवस पर आज गुरु/शिष्य या प्राइवेट कंपनियों में काम करने अफसरान अपने मातहतों को कुछ न कुछ खिलाकर नेहरू जी के प्रति अपनी कृतग्यता जाहिर कर रहें हैं. जिसे देखकर लगता है कि नेहरू जी के प्रति तमाम नकारात्मकता फैलाने के बाद भी उनको याद करने वाले अब भी बचे हुए हैं. मैं जब ये लेख लिख रहा था तभी उसी दौरान मेरे मातहत काम करने वाले शुभम श्रीवास्तव की कोई रिश्तेदार गोरखपुर से फ़ोन की और बता रही थी कि उसके विद्यालय में भी चाचा नेहरू जी के जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में धूम-धाम से मनाया जा रहा है. जो मुझ जैसे देशवासी के लिए एक सुकून देने वाली बात है. क्योंकि हमारे विभूतियों का सम्मान हमें हर हाल में करना होगा। नेहरू जी के योगदान को कभी कोई नकार नहीं सकता और देश का हर नागरिक आज भी उनका ऋणी है.
जय हिन्द
No comments:
Post a Comment