Friday, August 2, 2019

रवीश के प्राइम टाइम शो ने दिलाया मैगसेसे पुरस्कार

आज हमारे देश के बहुत हीं सादे लिबास में रहने रहने वाले और गोदी मीडिया के दौर और अंधभक्ति के साये से गुजरते हुए सत्ता के खिलाफ और जन सापेक्ष की बात को बिना आडंबर के कहने, बोलने और लिखने वाले NDTV के प्राइम टाइम शो के सम्पादक श्री रवीश कुमार जी को पत्रकारिता में एशिया का नोबेल कहा जाना वाला "'रैमॉन मैगसेसे" पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति श्री रैमॉन मैगसेसे की याद में किसी समाज, संस्था या पत्रकारिता में अपनी जिम्मेदाररियों का सर्वश्रष्ठ और ईमानदारी पूर्वक निवाह करने पर दिया जाता है. जैसे हीं पुरस्कार संस्था ने घोषणा कि वैसे हीं सोशल मीडिया पर और ब्यक्तिगत तौर पर रविश जी को बधाई देने वालों का ताता लगा हुआ है. खासकर सोशल मीडिया पर तो रविश के समर्थन में कई हैज टैग ट्रेंड कर रहें हैं जिसमें लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग अपनी बधाई और शुभकामना संदेश उन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

पुरस्कार देने वाली संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान "बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है." रविश कुमार का शो 'प्राइम टाइम' के नाम से रात 9 बजे प्रसारित किया जाता है. जिनमें बिना किसी शोर-शराबे की समाज के मूलभूत जरूरतों की बात की जाती है. स्कूल, कॉलेजों में छात्रों की आवाज उठाना, किसी रेहणी-पटरी वाले के हक की बात करना या जिस भी समूह के साथ कुछ अन्याय हो रहा है उसकी बात करना, यही रविश जी को महान बनाती है और इस पुरस्कार तक ले कर जाती है. रवीश जी कभी अपने आप को टीवी स्टूडियों तक सिमित रखने की कोशिश नहीं किये वो हमेशा खुले में लोगों से बातचीत करने में यकीन रखते थे और उनकी समस्याओं को सुनने और समझने की कोशिश करते हैं. मुझे अच्छी तरह याद है कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान जब रवीश जी दिल्ली से सटे जिले नोएडा के खोड़ा कॉलोनी में नोटबंदी से जुड़ीं लोगों की परेशानियों को जान रहे थे तभी कुछ बदमाशों ने उनके साथ किस तरह से दुर्ब्यवहार किया था परन्तु वो बिना डरे अपने काम को अंजाम दे रहे थे.

रवीश होने का अहसास- रवीश होने का अहसास बस यहीं हैं कि जब आप जनता के साथ खड़े होकर उनके हक की बात करने लगो और गोदी मीडिया न बनकर सत्ता से सवाल करते रहो. तभी जाकर आप रवीश कुमार होने का अहसास करा पाएंगे। रवीश कुमार को सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थित नेताओं और उनके भक्तों के द्वारा जान से मारने की धमकियां दी जाने लगी और उनके परिवार को लेकर भी धमकियां दी जाने लगी. इतना होने पर भी जो हिम्मत नहीं हारे वही रवीश कुमार है. रवीश कुमार को यहां तक पहुंचने में उनके चैनल के मालिक श्री प्रणव राय का अतुलिनीय योगदान है जो रवीश कुमार मिश्रा को रवीश कुमार बनने तक हर मोर्चे पर साथ निभाया। रवीश कुमार आपकी सफलता पर हमें एक भारतवासी होने के नाते गर्व है. कोई तो ऐसा शख्स है जिसकी ईमानदारी को इस घुटने के बल रेंगती हुई मीडिया जगत में कभी खरीदा नहीं जा सका. 

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