समाज में आज लोग बहुत परेशान हैं उनकी परेशानी के कारण अनेक हैं और उन्ही कारणों का फायदा उठाकर आज लोग हिन्दू-मुस्लिम में उलझा रहें हैं और लोग उलझ भी रहें है. मंदिर-मस्जिद के अलावा हाल के 10 दिनों में कुछ और मुद्दे बहुत हावी रहे हैं सिवाय रोजी-रोजगार के. एक हफ्ते पहले फिल्म कलाकर नसीरुद्दीन शाह का एक बयान सत्ता और मीडिया को मिर्च-मसाला परोसने का काम किया था उसका अभी निराकरण हुआ भी नहीं था कि कल यानी 25 दिसंबर को नोएडा सेक्टर 58 के एक पार्क में नमाज को लेकर मामला गरम हो गया और टीवी से लेकर हर जगह लोग चटखारे मार रहे थे कि भक्तों के अनुसार देश के सबसे सच्चे कलाकार और संघ, भारत माँ के सच्चे सपूत अक्की उर्फ़ अक्षय कुमार ने टोरंटो (कनाडा) को अपना घर बता दिया और बोले कि बॉलीवुड से रिटायर होने के बाद मैं अपने घर टोरंटो वापस आऊंगा। वैसे बहुत कम लोगों को पता है कि अक्की जी का घर वाकई टोरंटो में है पर भक्तों को ये बताने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उनकी भावनाएं आहत हो जाएँगी और वो आमिर खान को विदेश भेजने लगेंगे, अब आप लोग भी सोच रहे होंगे कि बात अक्षय, नासिर और मस्जिद की थी तो आमिर ! तो मै आपको बताना चाहता हूँ कि भक्तों को सही गलत की पहचान कहाँ होती है वो तो बस मुस्लिमों में खोट देखते है ये तो अक्की भैया ठहरे देशप्रेमी हिन्दू जो भले हीं टोरंटो वाले हो इससे कुछ नहीं होता पर पकिस्तान या देश से बाहर तो आमिर, सलमान, शाहरूख, नासिर साहेब जैसे लोग हीं जायेंगे.
देश में अब वही सच्चा और सबसे बड़ा देशभक्त कहलायेगा जो जोर-जोर से चिल्लायेगा मोहन भागवत जिंदाबाद और नेहरू गाँधी को जितना अपशब्द बोलेगा वो उतना बड़ा राष्ट्रभक्त कहलायेगा क्योंकि ये यही शोर मचाकर आज झोला छाप देशभक्त बने हुए है. आप को 1942 वाला अंग्रेजों के खिलाफ भारत आंदोलन तो याद हीं होगा उसमें आरएसएस और हिन्दू महासभा ने कितनी बड़ी देशभक्ति निभाई थी जो अंग्रेजो के साथ जाकर खड़े हो गए थे और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले लोगो की जासूसी कर रहे थे ऐसे वीर थे ये और उनकी ये वीरता का प्रमाण देखकर सारे वीर दंग मान जाते थे और जिसकी वजह से इन अंग्रेजी वीरों को आजाद देश में आज तक अपनी एक अदद पहचान बनाने के लिए जूझना पड़ रहा है इसीलिए तो जिन्होंने कभी गाँधी जी को गोली मारने वाले गद्दार गोडसे का समर्थन करते हुए हत्या की खबर सुनकर देश के अनेक हिस्सों में मिठाइयां बाटी थी वो अब अपनी एक अदद पहचान के लिए गाँधी जी को अपनाने की कोशिश कर रहें हैं और तो जिस सरदार वल्लभ भाई पटेल जी गाँधी जी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबन्ध लगया था वो अब पटेल जी को भी अपनी विरासत मानने में तुले हुए हैं तो हुई न बात वीरता की. तो भाइयों ऐसे-ऐसे फर्जी वीर भरे हुए है हमारे समाज में हमें बस इन्हें समझने की जरूरत है और इनको अपने बीच से निकाल फेकने की जरूरत हैं महात्मा गाँधी जी के अनुसार जो जीव-जंतु, मनुष्य इस देश में रह रहा है वो सब देश भक्त है क्योंकि सब के सब किस न किसी रूप से राष्ट्र की सेवा कर रहे है तो ऐसे फर्जी राष्ट्रवादियों को पहचानों और उनसे खुद को तथा समाज से दूर करने का अपना राष्ट्रिय फर्ज निभाएं.
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