2 अक्टूबर को गाँधी जी के विशेष सम्मान के रूप में देश की आजादी के बाद से मनाया जाता है परन्तु कुछ लोगों को गाँधी जी का ऐसा सम्मान नागवार लगता है पता नहीं क्यों ऐसे लोग गाँधी जी के विचारों सेजलते है,जबकि पूरी दुनिया आज गाँधी जी के विचारों को सारस्वत मान रही हैं चाहें अमेरिका हो या इंग्लैंडओबामा हो या मंडेला हर कोई हमारे गाँधी जी के विचारों का भक्त (समर्थक) बना हुआ है तो हमारे देश मेंलोग क्यों उन्हें गाली देते है,2 अक्टूबर 2018 महात्मा गाँधी का ऐतिहासिक 150 वां जन्मदिवस होगा।
हरियाणा सरकार (भाजपा)में एक मंत्री महोदय जिनका नाम अनिल विज है वो तो हर वक्त गाँधी जी कोअपने शाब्दिक भाषा में गाली देते रहते है परन्तु उनकी सरकार के लोग उन्हें सिर पर बिठा कर रखते है कोईतो मंत्री महोदय को बताओ कि महात्मा गांधी का सम्मान ऐसे कम नहीं हो सकता,जब नाथूराम गोडसे केगोली मारने से महात्मा गांधी का सम्मान कम नहीं हुआ और जब चर्चिल ने गाँधी जी को नंगा फकीर बोलातब महात्मा गांधी का सम्मान कम नहीं हुआ तो आज कैसे कम होगा परन्तु गांधी जी को जिस किसी नेअपमानित किया, पता नहीं वह गुमनामी के किस गड्ढे में अपने विचारों के साथ दफन हो गया लेकिन महात्मागांधी की शान पूरी दुनिया में बनी हुई है,उनको सम्मान भीख में नहीं मिला और न ही किसी ने लाठी के जोरपर महात्मा गांधी को सम्मानित करवाया बल्कि लोग स्वतः उनका सम्मान करते हैं.
गाँधी जी से जुडी कुछ विशेष स्मृतियाँ और उनकी उपलब्धियां-
1-महात्मागाँधीजीने मानवाधिकार की लड़ाई के लिए जो संघर्ष किया वह 4
द्वीपों और 12 देशों तक अपनाब्यापक असर दिखाया था और जनमानस में अंदर एक नवीन-चेतना का उद्द्गार किया था.
2-महात्मा गाँधी का देश की आजादी में सर्वाधिक और महत्वपूर्ण योगदान था जिनके एक आदेश मात्र सेउत्तर से दक्षिण-पूरब से पश्चिम तक की जनता सड़कों पर और आन्दोलनों में खुद को झोंक देती थी,गाँधी जीके हत्या के बाद देश में उनके सम्मान में डाक डिकट जारी किया गया और हां लन्दन ने भी उनकी हत्या के21 साल बाद डाक टिकट जारी किया गया था.
3-भारत में 53 मुख्य राजमार्गो का नाम गाँधी जी के नाम पर है और विदेशों में भी विभिन्न देशों ने उनके गाँधीजी सम्मान को देखते हुए 48 सड़कों का नाम रखा है.
4-महात्मा गाँधी ने दक्षिण अफ्रीका के तीन शहरों डर्बन,प्रिटोरिया और जोहान्सबर्ग में तीन फुटबाल क्लब कोस्थापित करने में उनकी सहायता की थी.
5-नेल्सन मंडेला महात्मा गाँधी जी के सच्चे अनुयायी और उनके बताये हुए रास्ते पर चलने वाले ब्यक्तिथे,मंडेला गाँधी जी के रंग-भेद के खिलाफ चलाये गए आंदोलन से बहुत प्रभावित थे.
6-महात्मा गाँधी की हत्या हिन्दू महासभा से सम्बन्ध रखने वाले नाथू राम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को शामके समय गोली मारकर हत्या कर थी.
7-महात्मा गाँधी की अंतिम विदाई यात्रा 8 किलोमीटर लम्बी थी.
देश की एक विडंबना यह देखने को मिलती है कि कभी जिस संगठन के लोग मतलब आरएसएस ने गाँधी जी के विचारो को हमेशा भला-बुरा कहा नफरत करते रहे वो भी 80 के दशक में अपने मूल विचारों का परित्यागकरके गांधीवादी विचारों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश किये। आरएसएस वही संगठन है जिसने गाँधी जीकी हत्या की खबर सुनने के बाद नागपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मिठाई बांटकर अपनी खुशियों कोजग-जाहिर किया था,जब वो अपने विचार को छोड़कर गाँधी जी के "सर्व धर्म समभाव" विचार को अपनालिया यही गाँधी जी के विचारों की जीत है और गाँधी जी के सम्मान की जीत है.
तो वे लोग महात्मा गांधी जी के सम्मान को कत्तई कम नहीं कर सकते जिनके अंदर संस्कारों की पूर्णतयाकमी है और जुबान तो उनकी माशा अल्लाह है. वो कब क्या बक दें उन्हें खुद नहीं पता होता, एक औरभाजपा सांसद महोदया निरंजन ज्योति है वैसे तो भगवा कपड़ा पहन कर अपने आप को संत कहती है परन्तुउनके समस्त गुण चोरों के भांति है वो तो हमारी संत परम्परा को भी बदनाम करती है.
ब्यक्तिगत रूप से मेरा यह मानना है कि किसी के गंदी जुबान भर बोल देने से महात्मा गाँधी जी के आभा परकोई असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि गाँधी जी सिर्फ एक इंसान नहीं वो एक विचार थे और विचार कभी नहींमरता जैसे गीता सास्वत है.
ॐ नमः शिवाय
जय हो त्रिलोचन महादेव
Gandhi ji jaisa koi nhi
ReplyDeleteNo doubt
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